शोषण मुक़दमे में पोप का नाम

  • 23 अप्रैल 2010
पोप

वर्षों पहले एक पादरी के हाथों कथित तौर पर यौन शोषण का शिकार हुए एक व्यक्ति ने अमरीका की अदालत में पोप और वैटिकन के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है.

इस व्यक्ति के वकील चाहते हैं कि चर्च यौन शोषण से संबंधित वो सारी फ़ाइलें जारी करें जिनमें कथित तौर पर पादरी शामिल रहे हैं.

मुकदमे में पोप और दो कार्डिनलों का नाम है. अभी तक वैटिकन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

पिछले महीने वैटिकन के संपादकीय अख़बार में लिखा गया था कि यौन शोषण मामले में कोई लीपापोती नहीं की गई है.

कथित रूप से पीड़ित का कहना है कि फ़ादर लॉरेंस मर्फ़ी ने उनका यौन शोषण किया था. फ़ादर लॉरेंस मर्फ़ी का निधन हो चुका है.

कटघरे में वैटिकन

आरोप है कि बधिर बच्चों के एक स्कूल में अपने 20 साल के कार्यकाल के दौरान फ़ादर लॉरेंस मर्फ़ी ने करीब 200 बच्चों को प्रताड़ित किया.

1974 में उन्होंने इस स्कूल से हटाकर दूसरी जगह भेज दिया गया था लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

1996 में वैटिकन को फ़ादर मर्फ़ी के बिशप का पत्र मिला था जिसके बाद चर्च में मुकदमा शुरु किया गया लेकिन 1998 में फ़ादर की मौत हो गई और तब तक मुकदमा पूरा नहीं हुआ था.

ख़ुद को पीड़ित बताने वाले इस व्यक्ति के वकील ने अब कहा है कि वैटिकन ने लापरवाही बरती है.

जेफ़ एंडरसन ने बीबीसी को बताया, हम चाहते हैं कि वैटिकन फ़ाइलों में बंद तमाम राज़ उजागर करे.

कथित तौर पर पीड़ित व्यक्ति ने 1995 में पत्र लिखकर कहा था कि पोप फ़ादर मर्फ़ी को निकाल दें. बीबीसी ने अदालत में सौंपे दस्तावेज़ देखे हैं.

दस्तवेज़ों में व्यक्ति ने बताया है कि कैसे यौन शोषण का उसके जीवन पर असर पड़ा. साथ ही ये भी लिखा गया है कि फ़ादर मर्फ़ी ने कथित तौर पर एक लड़के का शोषण किया था जिसने बाद में आत्महत्या कर ली.

इस व्यक्ति के अनुसार उनके पत्र और ईमेल का वैटिकन ने जवाब नहीं दिया था.

पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई आरोप लगे हैं कि यूरोप, उत्तर अमरीका और दक्षिण अमरीका में चर्च अधिकारियों ने ऐसे पादरियों के ख़िलाफ़ पर्याप्त क़दम नहीं उठाए जिन पर बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप था.

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