बग़दाद पहुँचा जयपुर फ़ुट

  • 24 अप्रैल 2010
बग़दाद में जयपुर फ़ुट
Image caption जयपुर फ़ुट से विकलांगों को जीने की एक नई उमंग मिली है

हिंसा और विध्वंस से जर्जर इराक़ में भारतीय पुनर्वास संगठन की टीम ने 882 विकलांगों को जयपुर फ़ुट लगाए हैं.

जयपुर की भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के 22 तकनीशियनों के एक दल ने बग़दाद में एक माह तक शिविर लगाकर विकलांगो को जयुपर फ़ुट लगाकर चलने लायक बनाया.

समिति के मुताबिक अब भी वहाँ लगभग पचास हज़ार लोग अपाहिजों जैसी ज़िंदगी व्यतीत करने को मजबूर हैं.

इस दल ने वहाँ बम धमाकों और विध्वंस के बीच ये काम किया. एक दिन तो ऐसा भी आया जब बग़दाद में एक के बाद एक करके कुल आठ धमाके हुए.

टीम के सदस्य जिस जगह ठहरे थे, वो भी धमाकों से दहल गया. लेकिन शिविरों के भीतर होने के कारण टीम के सदस्यों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा.

बाद में उन सभी को एक सुरक्षित जगह ले जाया गया. इस समिति के संस्थापक डीआर मेहता, जो बग़दाद में थे, बताते हैं कि इस दल में पाकिस्तान के भी दो तकनीशियन थे.

ये शिविर इराक़ के एक संगठन अब्दुल हादी चलाबी के सहयोग से लगाया गया था. इस शिविर से लाभ उठाने वालों में 55 महिलाएं भी शामिल हैं.

कुछ लोग तो ऐसे थे जिनके दोनों पैर हिंसा की भेंट चढ़ चुके थे.

डीआर मेहता ने बताया, "इराक़ में जयपुर फ़ुट को काफ़ी पसंद किया गया क्योंकि ये उपयोग में लचीला और असली पैर के जैसा ही लगता है."

समिति ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि कुछ इराक़ी लोगों को भारत बुलाकर उन्हें जयपुर फ़ुट बनाने का प्रशिक्षण दिया जाए जिससे और विकलांगों की भी मदद की जा सके.

इससे पहले इसी संगठन के लोगों ने श्रीलंका के वावुनिया में ऐसा ही शिविर लगाकर विकलांग लोगों को जयपुर फ़ुट लगाए थे.

इस संस्था के मुताबिक दुनिया के हर हिस्से में पहुँचा जयपुर फ़ुट मूल्य में सस्ता, उपयोग में आसान और टिकाऊ है.

संबंधित समाचार