अभी भंग नहीं होगी थाई संसद

अभिजीत वेजाजीव
Image caption थाई प्रधानमंत्री ने कहा है कि रविवार को वे और जानकारियाँ देंगे

थाईलैंड के प्रधानमंत्री अभिजीत वेजाजीव ने लाल शर्टधारियों की सशर्त पेशकश को ठुकरा दिया है.

विद्रोहियों ने शर्त रखी थी कि अगर एक महीने के भीतर संसद भंग करके जल्द चुनाव कराए जाएं तो वे विरोध प्रदर्शनों को बंद कर देंगे.

इसके पहले विद्रोहियों की मांग थी कि संसद को तत्काल संसद भंग किया जाए.

सरकार विरोधियों ने हाल में हुई हिंसा की जांच कराए जाने की भी मांग की है.

दो हफ्ते पहले पुलिस और विद्रोहियों के बीच हुई झड़पों में 25 लोगों की मौत हो गई थी.

ये प्रदर्शन पिछले कई हफ़्ते से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में चल रहे हैं.

लाल शर्टधारी पिछले छह हफ्ते से बैंकॉक में डेरा जमाए हुए हैं.

संसद सही समय पर ही भंग

प्रधानमंत्री अभिजीत ने कहा, “चूंकि उनका रवैया हिंसक और कायराना है, इसलिए मैं उनकी पेशकश स्वीकार नहीं कर सकता.”

उन्होंने कहा, “30 दिनों का अल्टीमेटम कोई मसला नहीं है. संसद को भंग तभी किया जा सकता है जब यह पूरे देश के हित में हो. सिर्फ़ लाल शर्टधारियों की मांग पर ऐसा नहीं किया जा सकता. संसद को सही समय पर ही भंग किया जाएगा.”

प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे रविवार को इस संबंध में और ब्यौरा देंगे.

उन्होंने कहा, “कल सभी बातें और भी स्पष्ट हो जाएंगी जब मैं और सेना प्रमुख संयुक्त रूप से टेलीविजन पर संबोधन करेंगे.”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने पहले ही साल 2010 के अंत तक चुनाव करवाने की पेशकश की है. जो निर्धारित तिथि से एक साल पहले है.

ज्यादातर विरोधी पूर्व प्रधानमंत्री थाक्सिन शिनवात्रा के समर्थक हैं जिनको साल 2006 में एक सैन्य तख़्तापलट में पद से हटा दिया गया था.

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