विकासशील देशों की जलवायु समझौते की माँग

जलवायु परिवर्तन
Image caption इस मुद्दे पर विकसित देशों और विकासशील देशों में मतभेद हैं.

चार विकासशील देशों-ब्राज़ील, दक्षिण अफ़्रीका, चीन और भारत ने कहा है कि वो जलवायु परिवर्तन पर क़ानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता चाहते हैं.

इन देशों के पर्यावरण मंत्रियों ने माँग की है कि ऐसे समझौता को अगले साल तक अंतिम रूप दे दिया जाना चाहिए.

ये मंत्री दक्षिण अफ़्रीका के शहर केप टाउन में मिले और उन्होंने जलवायु परिवर्तन समझौते को तेज़ करने पर चर्चा की.

पिछले साल कोपेनहेगन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में गैस उत्सर्जन पर कोई समझौता नहीं हो पाया था और इसको लेकर इसकी कड़ी आलोचना हुई थी.

कोपनहेगन में बाध्यकारी क़ानून वाले समझौते के मुद्दे पर कई विकासशील देशों को आपत्ति थी.

कोपनहेगन में विश्व के तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने की सहमति हुई थी लेकिन समझौता नहीं हो पाया था.

दरअसल विकसित देशों और विकासशील देशों में इस समझौते को लेकर मतभेद थे.

विकसित देश मौजूदा प्रारूप पर समझौता चाहते थे जबकि विकसित देश ऐसा नहीं चाहते हैं.

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