क्या हैं ब्रितानी चुनाव के मुद्दे?

Image caption टीवी पर होने वाली बहस की वजह से मुद्दों पर ज़ोरदार चर्चा हो रही है

ब्रिटेन के चुनावी इतिहास में पहली बार टेलीविज़न पर तीनों नेताओं की बहस ने मुद्दों को और पैना बना दिया है. तीनों नेताओं ने लाखों लाख ब्रितानी वोटरों के सामने अपने विचार खुलकर रखे हैं और अब तस्वीर काफ़ी हद तक साफ़ हो गई है कि बड़े मुद्दे क्या हैं और उन पर तीनों पार्टियों का रुख़ क्या है.

अर्थव्यवस्था

मंदी से उबरने की कोशिश में जी-जान से जुटी ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था इस चुनाव में निस्संदेह सबसे बड़ा मुद्दा है. लेबर पार्टी के गॉर्डन ब्राउन, कंज़रवेटिव पार्टी के डेविड कैमरुन और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के निक क्लेग, तीनों ही नेता जनता को विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे देश को दोबारा समृद्धि के रास्ते पर ले जाएँगे. प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन का कहना है कि यह बदलाव का समय नहीं है बल्कि सही नीतियों को जारी रखने का समय है, जबकि बाक़ी दोनों दल परिवर्तन की बात कर रहे हैं.

  • लेबर पार्टी- गॉर्डन ब्राउन सरकारी ख़र्च में तत्काल कटौती के ख़िलाफ़ हैं, उनका मानना है कि इससे लोगों की नौकरियाँ छिन सकती है और पटरी पर आ रही अर्थव्यवस्था मुश्किल में पड़ सकती है. वे नेशनल इंश्योरेंस में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी करना चाहते हैं ताकि सरकारी ख़र्च की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके. सरकारी नौकरियों में वेतन वृद्धि को सीमित करने और न्यूनतम मज़दूरी को बढ़ाने का वादा भी उन्होंने किया है.
  • कंज़रवेटिव पार्टी- डेविड कैमरुन का कहना है कि अगर सरकारी ख़र्च में तत्काल छह अरब पाउंड की कटौती नहीं की गई तो भारी गड़बड़ी होगी. स्वास्थ्य, रक्षा और शिक्षा को छोड़कर कैमरुन बाक़ी लगभग हर क्षेत्र में कटौती के पक्षधर हैं. वे पाँच साल में सरकारी क्षेत्र के ख़र्च में लगभग तीस प्रतिशत की कटौती करना चाहते हैं.
  • लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी- निक क्लेग बड़े बैंकों को छोटा करना चाहते हैं ताकि उनकी ग़लतियों की वजह से अर्थव्यवस्थाओं का कबाड़ा न हो. वे निचले तबक़े पर आयकर का बोझ कम करना चाहते हैं और बड़े महलनुमा घरों में रहने वाले लोगों पर अलग से मैंशन टैक्स लगाना चाहते हैं. सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े क़दम उठाना चाहते हैं लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कटौती नहीं चाहते हैं.

इमिग्रेशन

इस बार के चुनाव में बाहर से आने वाले लोगों का मुद्दा वाक़ई बहुत बड़ा हो गया है, प्रधानमंत्री पद के दावेदारों की टीवी पर प्रसारित बहस में तीनों नेताओं ने इस मुद्दों पर ख़ासा समय लगाया.

  • लेबर पार्टी- गॉर्डन ब्राउन का कहना है कि देश में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है और उनकी प्वाइंट पर आधारित प्रणाली जारी रहेगी. उनका कहना है कि देश में सिर्फ़ ऐसे व्यक्तियों को आने की अनुमति दी जाएगी जो तकनीकी रुप से दक्ष हों. लेबर पार्टी चाहती है कि यूरोप के बाहर से वही लोग देश में रोज़गार के लिए आ सकेंगे जिनकी ज़रूरत हो. सीमा पर निगरानी और देश में आने-जाने वाले लोगों का पक्का हिसाब रखने का वादा भी उन्होंने किया.
  • कंज़रवेटिव पार्टी- डेविड कैमरुन चाहते हैं कि देश में आने वाले लोगों की संख्या की सीमा तय होनी चाहिए, उनका मानना है कि लेबर पार्टी के शासन में बाहर से लाखों लोग आ रहे हैं जिनकी संख्या को वे हज़ारों में लाना चाहते हैं, वे मानते हैं कि इमिग्रेशन अर्थव्यवस्था को चलाए रखने के लिए ज़रूरी है लेकिन उस पर सरकार का पूरा नियंत्रण होना चाहिए. कंज़रवेटिव पार्टी ने अपने चुनाव घोषणापत्र में एक विशेष सीमा रक्षक बल के गठन का वादा किया है.
  • लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी- लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता निक क्लेग का कहना है कि दो तरह के इमिग्रेशन हैं-गुड इमिग्रेशन और बैड इमिग्रेशन. निक क्लेग चाहते हैं कि गुड इमिग्रेशन को बढ़ावा दिया जाए और बैड इमिग्रेशन को रोका जाए, उनका कहना है कि गुड इमिग्रेशव वो है जिससे ब्रितानी अर्थव्यवस्था को लाभ हो. वे चाहते हैं कि बाहर से आने वाले लोगों को कनाडा और स्विट्ज़रलैंड की तर्ज़ पर चुनिंदा इलाक़ों में ही बसाया जाए जहाँ आबादी का दबाव कम है.

विदेश और रक्षा नीति

2010 के ब्रितानी चुनाव में अर्थव्यवस्था का मुद्दा छाए होने की वजह से विदेश नीति और प्रतिरक्षा से जुड़े मामले हाशिए पर चले गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान और ट्राइडेंट मिसाइल प्रणाली का मुद्दा चर्चा में है.

  • लेबर पार्टी-गॉर्डन ब्राउन अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखना चाहते हैं, उनका कहना है कि तालेबान को ख़त्म किया जाना ब्रिटेन की आंतरिक सुरक्षा के लिए ज़रूरी है. वे 30 अरब पाउंड की लागत वाली ट्राइडेंट मिसाइल प्रणाली को आगे बढ़ाना चाहते हैं. गॉर्डन ब्राउन यूरोपीय संघ के साथ निकट सहयोग के पक्षधर हैं.
  • कंज़रवेटिव पार्टी- डेविड कैमरुन अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में सैनिक कार्रवाई के समर्थक हैं. वे ट्राइडेंट मिसाइल प्रणाली को आगे बढ़ाने के अलावा रक्षा पर अधिक ख़र्च करने के पक्षधर हैं, वे ब्रितानी सेना को अधिक शक्तिशाली बनाने का वादा कर रहे हैं. कैमरुन का मानना है कि यूरोपीय संघ के मामले में ब्रिटेन की नीति का फ़ैसला करने के लिए जनमत संग्रह होना चाहिए.
  • लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी- लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने के प्रयास को आगे बढ़ाना चाहिए. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ट्राइडेंट मिसाइल प्रणाली पर 30 अरब पाउंड ख़र्च करने के सख़्त ख़िलाफ़ है. निक क्लेग बहस के दौरान हमेशा ज़ोर देते हैं कि मिसाइल प्रणाली पर धन ख़र्च करने के बदले सुरक्षा को बेहतर बनाने के नए उपायों पर निवेश करना चाहिए.

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