बैंकिंग सुधार बिल पर सहमति

बैंक ऑफ़ अमरीका
Image caption अमरीका को आर्थिक संकट के दिनों में अपने वित्तीय ढाँचे की कमज़ोरियों को पहचानने का मौक़ा मिला है

अमरीका में कई दिनों के राजनीतिक गतिरोध के बाद वित्तीय ढाँचे में सुधार के लिए पेश किए जाने वाले विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति बन गई है.

रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा को रोक रखा था. वे इस विधेयक में कुछ संशोधनों की माँग कर रहे थे और उन्हें इसमें सफलता भी मिली.

अब गुरुवार को इस बैंकिंग सुधार विधेयक पर चर्चा होगी.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसका स्वागत किया है.

विधेयक

हालांकि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के बीच इस विधेयक को लेकर अब भी राजनीतिक विवाद क़ायम है लेकिन वे धीरे-धीरे सहमति की ओर बढ़ रहे हैं.

इस विधेयक में जो प्रावधान हैं इससे बैंकों के लिए नियम क़ायदे कड़े हो जाएँगे.

इसमें प्रावधान हैं कि एक उपभोक्ता संरक्षण एजेंसी का गठन किया जाएगा. इस एजेंसी को बैंक 50 अरब डॉलर की राशि देंगे. अगर वित्तीय संकट की वजह से कोई बैंक दीवालिया हो जाता है तो इस राशि से नुक़सान की भरपाई की जाएगी.

रिपब्लिकन का कहना था कि इस धनराशि के प्रावधान को ख़त्म कर देना चाहिए क्योंकि इससे छोटी कंपनियों पर दबाव बहुत बढ़ जाएगा.

लेकिन अब विधेयक पर सहमति बन गई है. राष्ट्रपति ओबामा ने इस पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि वे कुछ विषयों पर मतभेद हो सकते हैं लेकिन अगर कोई नेकनियती के साथ इस विधेयक के पक्ष में है, तो वे उनसे चर्चा करने को तैयार हैं, चाहे वो रिपब्लिकन हो या डेमोक्रेट.

उन्होंने कहा, "आख़िर में उपभोक्ता के हितों की रक्षा होनी चाहिए. हमें राहत देना बंद करना होगा. मैं नहीं चाहता कि हमारे सामने ऐसी कोई डील हो जिसे वित्तीय उद्योग के हितचिंतकों ने तैयार किया हो. अब बहुत हुआ."

बीबीसी संवाददाता स्टीव किंगस्टोन का कहना है कि जैसे-जैसे नवंबर के मध्यावधि चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, दोनों दल वॉल स्ट्रीट पर लोगों की नाराज़गी को दूर करना चाहते हैं.

संबंधित समाचार