बीपी पर बढ़ रहा है दबाव

  • 1 मई 2010
तेल रिसाव से प्रभावित पक्षी
Image caption तेल से सने पक्षी उपचार केंद्रों में पहुँचने लगे हैं

मेक्सिको की खाड़ी में हो रहा तेल रिसाव अमरीका के लिए एक बड़ी पर्यावरण संकट बनता जा रहा है.

इस बीच तेल कंपनी बीपी पर अमरीका में दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह अपने तेल कुएँ से हुए रिसाव को नियंत्रित करने के लिए और संसाधन उपलब्ध कराए.

अमरीका के आंतरिक सुरक्षा मंत्री जैनेट नैपोलिटानो और लुइज़ियाना प्रांत के गवर्नर बॉबी जिंदल, दोनों ने ही ब्रितानी तेल कंपनी बीपी से आग्रह किया है कि वो समुद्र में तेल के फैलाव की समस्या से निपटने के लिए और संसाधन उपलब्ध कराए.

बीपी का कहना है कि उसने तेल रिसाव के स्रोत को बंद करने के लिए समुद्र तल में रसायनों का उपयोग करना शुरू कर दिया है.

कंपनी की रिसाव वाले इलाक़े में एक नया तेल कुआँ भी खोदने की भी योजना है ताकि मौजूदा कुएँ पर दबाव कम किया जा सके.

लेकिन तेज़ हवाओं के कारण तेल के फैलाव को रोकने की रणनीति काम नहीं कर रही है.

तेल में सने पक्षी

इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि तेल लुइज़ियाना प्रांत के दक्षिणी पूर्वी हिस्से की झीलों तक में पहुँच सकता है.

उधर लुइज़ियाना के बाद फ़्लोरिडा, अलबामा और मिसिसीपी राज्यों ने भी अपने यहाँ आपात स्थिति की घोषणा कर दी है.

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल के फैलाव के कारण मछली उद्योग से जुड़े लोगों की रोज़ीरोटी पर बुरा असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा.

इस बीच पशु संरक्षण से जुड़े संगठनों के अनुसार तेल में सने समुद्री पक्षियों को पशु चिकित्सा केंद्रों में पहुँचाने का काम शुरू हो चुका है.

उल्लेखनीय है कि मेक्सिको की खाड़ी से लगा अमरीका का तटवर्ती इलाक़ा मछलियों और पक्षियों की सैंकड़ो विशेष प्रजातियों का घर है.

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