ग्रीस राहत समझौते के लिए तैयार

Image caption प्रधानमंत्री पापान्ड्रेयू ने कहा है कि देश को बड़ी कुर्बानियां देनी होंगी.

अपनी चरमराई अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ग्रीस यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ एक समझौते के लिए तैयार हो गया है.

प्रधानमंत्री जॉर्ज पापान्ड्रेयू ने कहा है कि दीवालिएपन से बचना देश की प्राथमिकता है और इसके लिए देश को कई “बड़ी कुर्बानियां” देनी होंगी.

विश्व बैंक और यूरोपीय संघ के कर्ज़े के बदले हुए समझौते और खर्चे में कटौतियों के बारे में विस्तृत घोषणा बाद में की जाएगी.

इस बात की आशंका जताई जा रही है कि ग्रीस के कर्ज़ संकट की चपेट में एक ही यूरोपीय करेंसी इस्तेमाल करनेवाले दूसरे देश भी आ सकते हैं.

शनिवार को एथेंस में सरकारी कटौतियों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई झड़पें हुईं.

इस समझौते में ग्रीस के लिए 160 अरब डॉलर की रकम तीन साल की अवधि में दिया जाना तय हुआ है.

कटौती

इसके बदले में ग्रीस की सरकार खर्चे में और नई कटौतियों का एलान करेगी जिसमें टैक्सों में बढ़ोतरी के अलावा पेंशन कोष और सरकारी नौकरियों के वेतन में कटौती की बात होगी.

प्रधानमंत्री पापान्ड्रेयू ने कहा है कि बजट में कटौती का असर वर्तमान और रिटायर दोनों ही सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा.

उन्होंने कहा, “हमें हर हाल में दीवालिया होने से बचना है. किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि पिछली सरकार इतना बड़ा कर्ज़ छोड़कर जाएगी.”

यूरोपीय देश इसलिए मुस्तैदी से ग्रीस को बचाने में जुटे हुए हैं क्योंकि डर है कि अगर ग्रीस गिरा तो साथ में पुर्तगाल, स्पेन और आयरलैंड की भी हालत खस्ता हो सकती है.

लेकिन ग्रीस के लोगों में खासा गुस्सा है क्योंकि उन्हें लगता है कि देश को इस हालत में पहुंचाने के लिए वो ज़िम्मेदार नहीं है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है.

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