सोमाली लुटेरों के गढ़ पर क़ब्ज़ा

  • 2 मई 2010
सोमाली बंदूकधारी
Image caption सोमाली समुद्री लुटेरों ने हिंद महासागर और अदन की खाड़ी में उत्पात मचाया हुआ है

सोमालिया में चरमपंथियों ने देश के दक्षिण में सोमाली समुद्री लुटेरों की एक प्रमुख शरणगाह पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि हिज़्बुल इस्लाम नामक एक गुट के कई सौ विद्रोही शनिवार को तटीय शहर हेरादेरी आए और उन्होंने बिना कोई लड़ाई किए शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया.

स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्रोहियों के आने के बाद लुटेरे वहाँ से भाग गए.

हेरादेरी में विद्रोहियों के एक नेता मोहम्मद उस्मान ने बीबीसी को बताया कि हिज़्बुल इस्लाम लूट के इस धंधे को ख़त्म कर शहर में शरीया क़ानून लागू करना चाहता है.

सोमालिया में पिछले लगभग 20 वर्षों से कोई भी प्रभावी सरकार नहीं रही है.

इस अस्थिरता के माहौल में सोमाली समुद्री लुटेरों ने हाल के वर्षों में हिंद महासागर और अदन की खाड़ी में कई जहाज़ों का फिरौती के लिए अपहरण किया है.

नियंत्रण

हेरादेरी के एक निवासी अदन जिमेल ने बताया कि विद्रोही कैसे उनके शहर में आए.

अदन जिमेल ने कहा,"कोई 200 हथियारबंद चरमपंथी सुबह-सुबह शहर में आए और उन्होंने पुलिस थानों और दूसरे पुराने सरकारी ठिकानों पर नियंत्रण कर लिया."

हेरादेरी से हिज़्बुल इस्लाम के एक सदस्य मोहम्मद आब्दी अरोस ने बीबीसी को बताया,"हम अभी हेरादेरी में हैं, हम यहाँ स्थानीय लोगों के सहायता के लिए बुलाने के बाद आए हैं."

एक और स्थानीय निवासी सुलेमान गदीद ने बीबीसी को बताया,"विद्रोहियों के आने के कुछ घंटे पहले सैकड़ों की संख्या में सोमाली समुद्री लुटेरे महँगी गाड़ियों में बैठकर भाग गए."

कुछ रिपोर्टों ने एक समुद्री लुटेरे को ये कहते बताया है कि हिज़्बुल इस्लाम के लोग कुछ दिन पहले शहर में आए थे जिन्होंने उनसे लूट में हिस्सा दिए जाने की माँग की. हालाँकि इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हो सकी है.

हिज़्बुल इस्लाम और एक और संगठन अल शबाब सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरिम सरकार से लड़ते रहे हैं और दोनों ने मिलकर दक्षिण सोमालिया के बंदरगाह शहर किस्मायो में साझा रूप से सरकार बनाई थी.

लेकिन अल शबाब ने पिछले साल हिज़्बुल इस्लाम को किस्मायो से भगा दिया था.

बीबीसी के मोगादिशु संवाददाता के अनुसार इसके बाद से ही हिज़्बुल इस्लाम हेरादेरी में अल शबाब के आने से पहले ही पाँव जमाने की कोशिश में लगा हुआ था.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार