प्रेस स्वतंत्रता के ‘भक्षक’

  • 3 मई 2010
'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' की रैली
Image caption रिपोर्ट में चीनी राष्ट्रपति हू जिन्ताओ की तीखी आलोचना है

मीडिया की स्वतंत्रता के लिए काम करने वाली एक संस्था ने 40 व्यक्तियों, आपराधिक गुटों और निजी सेनाओं को विश्व भर में प्रेस की स्वतंत्रता के सबसे बड़े हनन करने वालों की सूची में शामिल किया है.

‘रिपोर्ट्स विदाउट बॉर्डर्स’ नाम की इस संस्था ने कहा है कि उनकी सूची में ताक़तवर, और हिंसक लोग हैं जो पत्रकारों को प्रताड़ित करने के अलावा उन्हें यातनाएं देते हैं और उनकी हत्याएं करते हैं. संस्था ने ऐसे लोगों को ‘हिंसक भक्षक’ की संज्ञा दी है.

संस्था की सूची में चीन, ईरान, चेचनिया और रवांडा के राष्ट्रपति और तालेबान प्रमुख मुल्ला उमर शामिल हैं.

रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के गै़रकानूनी कारोबार के चलते मैक्सिको को पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक स्थान बताया गया है. मैक्सिको में बीते दशक में 62 पत्रकारों ने अपनी जान गंवाई है.

चीन

‘रिपोर्ट्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ को प्रेस की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ दुनिया में सबसे बड़ा दोषी क़रार दिया है.

प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर छपी अपनी रिपोर्ट में संस्था ने जिंताओ पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ऐसे कई आदेश दिए जिनसे सूचनाओं के प्रसार को रोका गया.

संस्था के मुताबिक वर्ष 2008 में तिब्बत में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों के प्रसार को रोकने के लिए तिब्बतियों को गिरफ़्तार किया गया.

उत्तरी कोरिया के नेता किम जॉन्ग-इल और बर्मा की सैन्य सरकार के प्रमुख थान श्वे को भी ऐसे ही लोगों मे शामिल किया गया है.

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