सांसद निधि योजना वैध: सुप्रीम कोर्ट

  • 6 मई 2010
सुप्रीम कोर्ट
Image caption अदालत ने ये भी कहा है कि सांसद निधि के दुरुपयोग पर संसद कार्यवाही कर सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सांसद निधि योजना संवैधानिक और जनकल्याणकारी है.

मुख्य न्यायधीश के जी बालकृष्णन की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ सांसद निधि योजना की वैधता पर फ़ैसला सुना रही थी.

ग़ौरतलब है कि विकास कार्यों के लिए प्रत्येक सांसद को हर वर्ष दो करोड़ की राशि दी जाती है.

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा, “हमारी राय में सांसद निधि योजना वैध है.”

संविधान पीठ ने कहा है कि कुछ मामलों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की वजह से इस जनकल्याण योजना को बंद नहीं किया जा सकता.

फ़ैसले में ये भी कहा गया है कि सांसदों द्वारा इस निधि के दुरुपयोग के मामले में संसद उनके ख़िलाफ़ क़दम उठा सकती है.

अदालत में ये मामला 2005 में सामने आए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद आया था. स्टिंग ऑपरेशन में कुछ सांसदों को विकास योजनाएं आवंटित करने के लिए ठेकेदारों से रिश्वत मांगते दिखाया गया था.

इस स्टिंग ऑपरेशन में दिखाए गए सांसदों को बाद में संसद से निष्कासित कर दिया गया था.

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने इस मामले में 21 जनवरी को अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था.

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