एक बार फिर कुछ उड़ानों पर प्रतिबंध

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption इसके पहले उड़ानों के रद्द होने से अफ़रातफ़री मच गई थी

आइसलैंड में ज्वालामुखी की राख के कारण यूरोप के हवाई अड्डों पर अभूतपूर्व बाधा के बाद ब्रिटेन और आयरलैंड में एक बार फिर कुछ उड़ानें प्रतिबंधित की हैं.

ये फ़ैसला ज्वालामुखी की राख के दक्षिण की ओर उड़ने के कारण उठाया गया है.

आयरलैंड के उड्डयन अधिकारियों का कहना है कि वे मंगलवार को आयरलैंड से आने जाने वाली उड़ानों को छह घंटे के लिए प्रतिबंधित कर रहे हैं.

उत्तरी आयरलैंड की भी कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं हैं.

आइसलैंड के मौसम विभाग का कहना है कि उड़ानों पर प्रतिबंध हवा के रुख़ बदलने और ज्वालामुखी की राख के और ऊंचाई पर चले जाने के कारण लगाया गया है.

अभूतपूर्व बाधा

ग़ौरतलब है कि आइसलैंड के ज्वालामुखी के कारण यूरोप के हवाई अड्डों पर लगभग एक सप्ताह की अभूतपूर्व बाधा आई थी.

उड़ानों पर लगे इन प्रतिबंधों से एयरलाइन उद्योग को तो भारी धक्का लगा जिसका असर दूसरे क्षेत्रों में भी महसूस किया गया.

जर्मनी की कार कंपनी बीएमडब्ल्यू ने अपने तीन संयंत्रों पर काम रोक देना पड़ा था क्योंकि उन्हें कल पुर्जों की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी.

जापान में निसान कंपनी ने भी कुछ फ़ैक्ट्रियों में काम पूरी तरह से रोक दिया था.

हालांकि बाद में एयरलाइंस की प्रतिनिधि संस्था, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ ने सभी उड़ानों को रद्द करने के फ़ैसले की आलोचना की थी और मुआवजे की भी माँग की थी.

उनका आरोप था कि यूरोपीय सरकारों के ग़लत फ़ैसले से हालात और बिगड़े.

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