ब्रिटेन में शुरु हुआ मतदान

ब्रिटेन में गुरूवार छह मई को पिछले 18 वर्षों का सबसे रोमांचक चुनाव होने जा रहा है जिसमें संभावना है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा.

ब्रिटेन में आम तौर पर दोनों बड़े दलों - लेबर और कंज़र्वेटिव - के बीच टक्कर हुआ करती रही है. लेकिन इस बार का चुनाव पिछले चुनावों से काफ़ी अलग है जिसमें पहली बार मुक़ाबला त्रिकोणीय हो रहा है.

ऐसी स्थिति में ऐसी अटकलें लग रही हैं कि 650 सीटों वाले सदन में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सकता है. चुनाव परिणाम शुक्रवार सुबह तक आ जाएँगे.

मतदान पूर्व सर्वेक्षणों में कंज़र्वेटिव पार्टी को आगे दिखाया जा रहा है लेकिन साथ ही कहा जा रहा है कि शायद पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकेगी.

यदि ऐसा हुआ तो ब्रिटेन में 1974 के बाद पहली बार त्रिशंकु संसद की स्थिति सामने आएगी.

आम चुनाव के एक दिन पहले तीनों बड़े राजनीतिक दलों के नेता मतदाताओं का समर्थन जुटाने के लिए देश भर में दौरे किए.

मुख्य विपक्षी पार्टी कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरोन ने सारी रात ये कहते हुए प्रचार किया कि वे 'हर वोट के लिए' लड़ रहे हैं.

टोरी पार्टी (कंज़र्वेटिव) की बढ़त के काफ़ी कम रहने के बारे में पूछे जाने पर डेविड कैमरन ने कहा कि उन्होंने कभी भी इस चुनाव को आसान नहीं समझा.

कैमरन ने जीएमटीवी चैनल से कहा,"चुनाव चुनौती देते ही हैं. ब्रिटिश जनता आपको सरकार तश्तरी पर सजाकर नहीं देती, वह हमें बताती है कि इसे अर्जित करना होता है".

वहीं लेबर पार्टी नेता और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि वे 'ब्रिटेन के भविष्य' के लिए लड़ रहे हैं.

गॉर्डन ब्राउन ने बीबीसी रेडियो फ़ाइव पर श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा,"मैं एक योद्धा हूँ, मैं हथियार नहीं डालता. मैं ब्रिटेन के भविष्य के लिए लड़ रहा हूँ, मैं लड़ रहा हूँ क्योंकि मैं जो कर रहा हूँ उसपर मुझे भरोसा है."

तीसरी विपक्षी पार्टी लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता निक क्लेग ने कहा है कि ये चुनाव 'सारी पीढ़ी के दौरान बदलाव के लिए मिलनेवाला एक दुर्लभ मौक़ा' है.

चुनाव में हमेशा तीसरे नंबर पर रहनेवाली पार्टी लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता निक क्लेग ने इस स्थिति में बदलाव की उम्मीद के साथ ऐसी सीटों पर प्रचार किया है जहाँ एक महीने पहले तक उनकी पार्टी के लिए कोई संभावना नहीं थी.

उन्होंने एक सभा में छात्रों से कहा,"अगर आप हमें मौक़ा देंगे, अगर आप हमपर भरोसा करेंगे, तो मैं वादा करता हूँ कि मैं स्थिति को बेहतर बनाने के लिए और आपकी इच्छा का ब्रिटेन बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करूँगा".

सीटें और संभावना

चुनाव में सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल करने के लिए 326 सीटें हासिल करना ज़रूरी है.

1974 में त्रिंशकु संसद चुनी गई थी. तब पहले तो निवर्तमान कंज़र्वेटिव प्रधानमंत्री एडवर्ड हीथ चार दिन तक कुर्सी में बने रहकर गठबंधन बनाने का प्रयास करते रहे जिसमें वे नाकाम रहे.

इसके बाद सदन में सबसे अधिक सीटें हासिल करनेवाली लेबर पार्टी ने अल्पसंख्यक सरकार बनाई जो सात महीने तक चली.

इसके बाद दोबारा चुनाव करवाए गए जिसमें लेबर पार्टी को तीन सीटों का बहुमत मिला.

फ़िलहाल जो मतदान पूर्व सर्वेक्षण हुए हैं उनमें एक सर्वेक्षण - यूगॉव - में कंज़र्वेटिव पार्टी को 35%, लेबर को 30% और लिबरल डेमोक्रेट्स को 24% मत मिलते दिखाए गए हैं.

वहीं एक और सर्वेक्षण - कॉमरेस - में कंज़र्वेटिव पार्टी को 37%, लेबर को 29% और लिबरल डेमोक्रेट्स को 26% मत मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

इन सर्वेक्षणों से इस बात की संभावना लग रही है कि इस बार ब्रिटेन के चुनाव में त्रिशंकु संसद की स्थित बन सकती है.

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