ब्रिटेन में चुनाव प्रचार का अंतिम दिन

  • 5 मई 2010
प्रधानमंत्री पद के तीन दावेदार
Image caption ब्रिटेन के चुनावों में इस बार मुक़ाबला कड़ा माना जा रहा है

ब्रिटेन में छह मई को होनेवाले आम चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन राजनेता पूरे दम-खम के साथ मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.

ये चुनाव ब्रिटेन में पिछले 18 वर्षों का सबसे अधिक रोमांचक चुनाव है जिसमें तीनों बड़ी पार्टियों के बीच काँटे की टक्कर हो रही है.

प्रचार के अंतिम समय में मुख्य विपक्षी दल कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन सारी रात चुनाव अभियान में व्यस्त रहे.

प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने भी देर रात तक ऐसे मतदाताओं से मुलाक़ातें कीं जिन्होंने अभी तक मतदान के बारे में कोई मन नहीं बनाया है.

दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता निक क्लेग भी चुनाव अभियानों में मतदाताओं से पुरानी दोनों पार्टियों को ख़ारिज करने का आह्वान कर रहे हैं.

मतदान पूर्व सर्वेक्षणों में लगातार कंज़र्वेटिव पार्टी को आगे दिखाया जा रहा है लेकिन साथ ही कहा जा रहा है कि शायद पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल करने से चूक जाए.

ब्रिटेन का इस बार का चुनाव इस मायने में पिछले चुनावों से अलग है कि इसमें पहली बार मुक़ाबला त्रिकोणीय हो रहा है.

नई बहस

लेकिन चुनाव से ठीक पहले लेबर पार्टी के मंत्रियों के एक सुझाव ने एक नई बहस छेड़ दी है.

सत्तारुढ़ लेबर पार्टी के इन दो मंत्रियों ने चुनावों में अपनी पार्टी को मज़बूती देने के लिए ‘रणनीतिक वोट’ का सुझाव दिया है.

इन मंत्रियों ने सुझाव दिया है कि जिन सीटों पर लिबरल डेमोक्रैट्स पार्टी के उम्मीदवार लेबर उम्मीदवारों से बेहतर स्थिति में हैं वहां लेबर समर्थकों को लिबरल डेमोक्रैट्स पार्टी के प्रत्याशी को वोट देना चाहिए ताकि कंज़रवेटिव पार्टी को हराया जा सके.

गॉर्डन ब्राउन मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री पीटर हेन ने कहा है कि लोगों को ‘अपने दिल से नहीं बल्कि अपने दिमाग़ से मताधिकार का प्रयोग’ करना होगा.

लेबर के एक और मंत्री एड बॉल्स ने भी ‘रणनीतिक वोट’ की हिमायत की है

उधर लिबरल डेमोक्रैट पार्टी ने लेबर मंत्रियों के सुझाव को निराशा भरा कहा है.

कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने कहा है कि रणनीतिक वोट के सुझाव से ये साबित हो जाता है कि लिबरल डेमोक्रैट पार्टी को वोट देने का अर्थ है गॉर्डन ब्राउन का प्रधानमंत्री बने रहना.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार