न्यूयॉर्क बमः बस कुछ क्षण की ही बात थी...

  • 5 मई 2010
शहज़ाद

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में बम रखने के आरोप में गिरफ़्तार पाकिस्तानी मूल के अमरीकी नागरिक फ़ैसल शहज़ाद जेएफ़के हवाई अड्डे से दुबई के लिए एमिरेट्स एयरलाइन्स की उड़ान से रवाना होने ही वाले थे.

हालाँकि उनका नाम उस सरकारी सूची में था जिसमें उड़ान भरने के लिए अयोग्य लोगों का उल्लेख था.

फ़ैसल शहज़ाद ने नक़द राशि दे कर यह टिकट ख़रीदा.

विमान जब रनवे पर था तो अधिकारियों को अंदाज़ा हुआ कि वह इस विमान में सवार हैं. विमान से वापस लौटने को कहा गया और फ़ैसल को गिरफ़्तार कर लिया गया. बस कुछ क्षण की देरी होती तो यह व्यक्ति अमरीका से निकल चुका होता.

अब उनके ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए गए हैं.

उन पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के जरिए लोगों की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया है.

अभियोग पक्ष का कहना है कि फ़ैसल शहज़ाद ने स्वीकार किया है कि वो बम धमाका करना चाहते थे.

उन्होंने ये भी स्वीकार किया है कि उन्हें इसका प्रशिक्षण पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े वज़ीरिस्तान में मिला.

मैनहटन की संघीय अदालत में उन पर ये आरोप तय किए गए.

ग़ौरतलब है कि शनिवार को टाइम्स स्क्वायर में एक कार में बम मिला था जिसे पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया था.

जांच के बाद कनेक्टीकट में रहने वाले शहज़ाद को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि न्यूयॉर्क में हुए असफल कार बम हमले से अमरीकी लोग डरेंगे नहीं.

पाकिस्तान से संबंध

ओबामा ने कहा है,''यह घटना उस दुखद दौर की याद दिलाता है जिसमें हम रहते हैं.''

उन्होंने कहा है कि इस मामले में दोषियों के साथ न्याय होगा.

ओबामा ने कहा,''हम जानते हैं कि जो लोग ये हमला करना चाहते थे वो चाहते थे कि हम डर कर रहें. लेकिन हम घबराएंगे नहीं. हम डरेंगे नहीं.''

अमरीका के अटार्नी जनरल एरिक होल्डर ने कहा, ''ये साफ़ है कि यह एक आतंकवादी योजना थी और इसका लक्ष्य अमरीकियों को मारना था.''

माना जाता है कि शहज़ाद ने टाइम्स स्क्वायर पर विस्फोटक रखने के लिए ही गाड़ी ख़रीदी थी.

इधर पाकिस्तान से आ रही रिपोर्टों के अनुसार कराची में शहज़ाद के रिश्तेदारों और उनके एक सहयोगी को भी शक के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है हालांकि अधिकारियों ने इसका खंडन किया है.

रायटर्स समाचार एजेंसी ने एक अधिकारी के हवाले से कहा,''शहज़ाद ने माना कि उन्होंने गाड़ी ख़रीदी और विस्फोटक को जोड़ा, उसे गाड़ी में रखा. गाड़ी को घटनास्थल पर छोड़ा और चले गए.''

शहज़ाद कुछ दिनों पहले पाकिस्तान गए थे. एफबीआई इस बारे में जानकारी जुटा रही है कि उन्होंने पाकिस्तान में क्या किया.

ख़बरों के अनुसार शहज़ाद क़रीब एक महीने तक पाकिस्तान में रहे जिसमें से कुछ समय उन्होंने पेशावर में बिताया.

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