ब्रिटेन में त्रिशंकु संसद, एक्जि़ट पोल

  • 7 मई 2010
Image caption एक्ज़िट पोल में त्रिशंकु संसद की संभावना जताई गई है.

ब्रिटेन चुनावों में मतदान के बाद मतगणना जारी है और आरंभिक परिणाम आने शुरु हो गए हैं.

एक्जि़ट पोल के अनुसार त्रिशंकु संसद बन सकती है और कंज़रवेटिव पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरेगी.

एक्ज़िट पोल के अनुसार डेविड कैमरन के नेतृत्व वाली कंज़रवेटिव पार्टी ( टोरी पार्टी) को 305 सीटें मिलेंगी जो बहुमत के लिए 326 से 21 सीटें कम होंगी.

इस समय लेबर पार्टी की सरकार है और उसके नेता गॉर्डन ब्राउन हैं.लेबर पार्टी को चुनावों में 255 सीटें मिलने की बात कही गई है.

लिबरल डेमोक्रेट पार्टी को मात्र 61 और अन्य को 29 सीटें मिलेंगी.

1974 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब ब्रिटेन में त्रिशंकु संसद बनेगी.

ब्रिटेन में पिछले 13 सालों से लेबर पार्टी की सरकार है और अगर त्रिशंकु संसद हुई तो संभवत कंज़रवेटिव पार्टी की सरकार बन सकती है.

अगर ये एक्ज़िट पोल सही रहते हैं तो सरकार बनने में काफ़ी समय लग सकता है.

चुनावों में मतदान पूरा हो गया है और कुछ ही देर में मतगणना शुरु हो जाएगी. पहले परिणाम अगले कुछ घंटों में आने लगेंगे.

मतदान में विवाद

ब्रिटेन के चुनावी आयोग ने कहा है कि लोगों को वोट नहीं डालने की शिकायत के मामले की व्यापक समीक्षा की जाएगी.

चुनाव आयोग की अधिकारी जेनी वाटसन ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसके लिए निर्वाचन अधिकारियों को जवाब देना पड़ेगा.

ब्रिटेन के हालिया चुनावी इतिहास पहली बार मतगणना को लेकर बड़ा विवाद छिड़ गया है.

ब्रिटेन में वोटिंग रात दस बजे तक होती है. इस बार कई मतदाताओं ने शिकायत की है कि वो कतार में खड़े रहे लेकिन उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया.

आम तौर पर उन सभी लोगों को वोट डालने दिया जाता है जो वोट डालना चाहते हैं.

लेकिन इस बार नियमों का पहली बार इतनी कड़ाई से पालन किया गया और कतार में खड़े लोगों को बिना वोट डाले वापस जाना पड़ा है.

लेबर पार्टी की नेता हैरियड हरमन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि हर वो आदमी जो दस बजे कतार में था उसे वोट डालने का अधिकार है और उन्हें वोट नहीं डालने देना उनके मूल अधिकारों का हनन है.

उन्होंने कहा कि चाहे इसका परिणामों पर असर पड़े या न पड़े लेकिन इस पर क़ानूनी विवाद ज़रुर होगा.

कुछ इलाक़ों में वोट नहीं डाल पाने के कारण काफ़ी नाराज़ भी थे. शेफील्ड काउंटी में ऐसी ही एक महिला ने कहा कि वो बहुत नाराज़ हैं और ये उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है.

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