कई ब्रितानी वोटर निराश लौटे

मतदाता
Image caption वोट डाल कर लौटती ये महिला भाग्यशाली है क्योंकि ब्रिटेन में सैंकड़ो मतदाताओं को बिना वोट डाले ही लौटना पड़ा है

ब्रितानी चुनावों में सैंकड़ों मतदाताओं को बिना मताधिकार का प्रयोग किए ही वापिस कर दिया गया है. कुछ स्थानों पर लंबी होती कतार को क़ाबू में रखने के लिए पुलिस को भी बुलाना पड़ा.

मेनचेस्टर में वापिस किए गए मतदाता गुस्से में थे, शेफ़ील्ड में मत डालने के लिए लोगों को तीन घंटे तक कतार में प्रतीक्षा करनी पड़ी और लीवरपूल में तो मतपत्र ही समय से पहले ख़त्म हो गए.

इन सब दिक्कतों के बाद चुनाव आयोग ने ‘पूर्ण पुनरवलोकन’ की घोषणा की है.

सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताई है और माना जा रहा है कि कुछ नतीजों को चुनौती भी दी जा सकती है.

चुनाव आयोग के अध्यक्ष जेनी वॉटसन ने कहा है, “हम इस मसले पर नज़र डालेंगे. सरकार भी इस पर ग़ौर करेगी. हो सकता कि क़ानून में परिवर्तन की ज़रुरत हो.”

क़ानून के अनुसार मतदान केंद्र रात दस बजे बंद हो जाने चाहिएं और उसके बाद कोई भी मतपत्र नहीं बांटे जाते, हांलाकि जिस किसी ने भी दस बजे तक मतपत्र हासिल कर लिया हो उसे मताधिकार का प्रयोग करने का पूरा अधिकार होता है.

प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री के एक प्रवक्ता ने कहा है कि गॉर्डन ब्राउन ने मतदाताओं को बिना वोट किए लौटाने की घटनाओं पर ‘गहरी चिंता’ जताई है. प्रवक्ता के मुताबिक प्रधानमंत्री इन घटनाओं की ‘पूरी जांच का समर्थन’ करते हैं.

कंज़रवेटिव पार्टी ने लंबी कतारों की ख़बरों को ‘विचलित’ करने वाला बताते हुए ‘पूरी जांच’ की मांग की है

बीबीसी के राजनीतिक संपादक निक रॉबिनसन ने इस मसले पर कहा, “ एक ज़ोरदार चुनाव अभियान के बाद ये तो एक त्रासदी की तरह है. आज की ‘असाधारण घटनाएं’ ये दिखाती हैं कि ब्रिटेन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस सबसे मूल हिस्से को सही ढंग से नहीं चला पा रहा.’