ज़रुर जाऊंगा अपने गांव: मुईवा

थुईंगालेंग मुईवा और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ़िउ रियो
Image caption मुख्यमंत्री रियो ने केंद्र सरकार का अनुरोध मुईवा तक पहुँचाया है कि वे अपने पैतृक ग्राम तक जाने का इरादा छोड़ दें (फ़ोटो - सुभामॉय भट्टाचार्जी)

नागा अलगाववादी नेता थुइंगालेंग मुईवा ने कहा है कि वे राज्य सरकार के प्रतिबंध के बावजूद मणिपुर स्थित अपने पैतृक गांव सोमदाल जाने के लिए कृतसंकल्प हैं.

एनएससीएन यानी नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नागालैंड के महासचिव मुईवा 1997 से भारत सरकार के साथ नागा समस्या के समाधान के लिए हो रही बातचीत में शामिल रहे हैं.

गत सप्ताह उन्होंने मणिपुर स्थित अपने पैतृक गांव में जाने की इच्छा ज़ाहिर की थी लेकिन राज्य सरकार ने ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए उनके आगमन पर प्रतिबंध लगा दिया था.

अब मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा है कि मुईवा मणिपुर में प्रवेश कर सकते हैं बशर्ते एनएससीएन ‘ग्रेटर नागालिम राज्य’ की मांग बंद कर दे.

एनएससीएन का कहना है कि मणिपुर, असम और अरुणाचल के नागा-बहुल इलाक़ों को वर्तमान नागालैंड राज्य में मिलाकर ‘ग्रेटर नागालिम’ के निर्माण पर भारत की सहमति के बिना नागा समस्या का समाधान संभव नहीं है.

लेकिन तीनों राज्य एनएससीएन की इस मांग का पुरज़ोर विरोध करते रहे हैं. मणिपुर इसका सबसे ज़्यादा विरोध होता रहा है क्योंकि प्रस्तावित ‘नागालिम’ राज्य में मणिपुर का 60 प्रतिशत क्षेत्र चला जाएगा.

इंतज़ार

पिछले सप्ताह मणिपुर की सीमावर्ती चौकी माओ में मुईवा की यात्रा के पक्षधर नागा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई थी. तब से अलगाववादी नेता थुईंगालेंग मुईवा नागालैंड-मणिपुर सीमा पर स्थित विस्वेमा गांव में अपने पैतृक निवास जाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ़िऊ रियो के साथ बैठक के बाद मुईवा ने विस्वेमा गांव में पत्रकारों को बताया, “मैं अपने पैतृक गांव सोमदाल जाने के प्रति कृतसंकल्प हूं. मुझे ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता. हमने धैर्य से काम लिया है लेकिन हर चीज़ की एक हद होती है.”

नागालैंड के मुख्यमंत्री रियो ने मुईवा को केंद्र सरकार का ये निवेदन पहुंचाया था कि जब तक क्षेत्र में तनाव है वो मणिपुर जाने की योजना स्थगित कर दें.

मुख्यमंत्री रियो के साथ बैठक के बाद मुईवा ने कहा, “केंद्र ने नागाओं के साथ विश्वासघात किया है. सरकार में नागा समस्या के समाधान करने की हिम्मत नहीं है.”

मुईवा की प्रस्तावित यात्रा पर मणिपुर के विभिन्न राजनीतिक गुटों का विरोध जारी है. उधर मणिपुर के नागा-बहुल क्षेत्रों में मुईवा की प्रस्तावित मणिपुर यात्रा के पक्ष में भी प्रदर्शन चल रहे हैं

मणिपुर के नागा गुटों ने इस महीने पांच पहाड़ी ज़िलों की स्वायत परिषदों के लिए होने वाले चुनावों का बहिष्कार करने का भी फ़ैसला किया है.

उनका आरोप है कि नई ज़िला परिषदें स्वायत्त संस्थाओं के आर्थिक अधिकारों का हनन करेंगी. मणिपुर सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है.

कमी

नागा गुटों ने माओ के सीमावर्ती इलाक़े में सड़क यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है. इस वजह से मणिपुर राज्य में खाद्य पदार्थों की भारी किल्लत हो गई है.

अस्पतालों ने ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के कारण सर्जरी करना भी स्थगित कर दिया है.

पिछले हफ़्ते यातायात रुकने के बाद से राज्य में खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में 200 प्रतिशत तक का इज़ाफ़ा हुआ है.

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