प्रदर्शनकारियों के कैंप के पास गोलीबारी, धमाके

सैनिक

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के कैंप के आसपास गोलीबारी और धमाकों की आवाज़े सुनाई दे रही है.

तीन दिन से जारी हिंसा में 16 लोग मारे गए हैं और 150 से अधिक घायल हुए हैं. थाइलैंड की सेना ने प्रदर्शनकारियों के कैंप के एक किलोमीटर उत्तर में - 'लाइव फ़ायर ज़ोन' यानी गोलीबारी का क्षेत्र घोषित कर दिया है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कुछ हफ़्तों से केंद्रीय बैंकॉक में अड्डा जमाया हुआ है और वे संसद को भंग करने और दोबारा चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.

लाल कमीज़धारी प्रदर्शनकारियों में से अधिकतर पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट के समर्थक हैं जिन्हें 2006 में तख़्तापलट के बाद सत्ता से बाहर कर दिया गया था.

सयुंक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरु किए जाने का अनुरोध किया है लेकिन सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत से साफ़ इनकार कर दिया है.

'लाइव फ़ायरिंग ज़ोन'

लाइव फ़ायरिंग ज़ोन यानी गोलीबारी के क्षेत्र के बाहर 'नो एंट्री' के बोर्ड लगा दिए गए हैं.

अनुमान लगाया जा रहा है कि सेना जल्द ही प्रदर्शनकारियों के कैंप पर धावा बोल सकती है.

प्रदर्शनकारियों के कैंप के आसपास उन्होंने ही नाकेबंदी की हुई है. उस इलाक़े में जलते टायरों से धुँआ उठता दिख रहा है.

थाइलैंड की सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और उसके सैनिकों ने केवल आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाई हैं.

लेकिन सेना पर प्रदर्शनकारियों को चुन-चनकर निशाना बनाने के आरोप लगे हैं.

रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने सेना के प्रवक्ता कर्नल सानसेर्न काइवकामनर्द के हवाले से कहा है, "जब ये प्रदर्शन अपनी चरम पर थे तब किसी भी एक दिन कैंप में 9000 से 10 हज़ार तक लोग मौजूद थे. लेकिन पिछली रात से जब से हमने नाके लगाए हैं तब से आप देख सकते हैं कि प्रदर्शनकारियों की संख्या घटकर 5000 रह गई है."

बैंकॉक में शहर के एक तिहाई हिस्से में आपातकाल लागू है लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि शहर के बाक़ी हिस्से में जनजीवन सामान्य है.

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