ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सहमति

  • 17 मई 2010
लूला और अहमदिनेज़ाद
Image caption ब्राज़ील और तुर्की के नेतृत्व ने ईरान के नेताओं से समझौते के लिए अपील की है.

ईरान में सोमवार से शुरु हो रही जी-15 देशों की बैठक में जहां आर्थिक सहयोग मुख्य मुद्दा होगा वहीं बैठक से पहले ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर सहमति के आसार बन रहे हैं.

जी-15 बैठक से पहले ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने ईरान के नेताओं से बातचीत की है. इन वार्ताओं में तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप ताय्यिप एरदोगान भी शामिल होने वाले हैं.

तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर जल्दी ही समझौता होने वाला है.

पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है और उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर ईरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा है कि नए समझौते के बारे में सोमवार को औपचारिक घोषणा हो सकती है.

ईरान ने पश्चिमी देशों से बातचीत से इंकार किया था लेकिन जी-15 की बैठक से पहले ब्राज़ील और तुर्की ने ईरान के नेतृत्व से बातचीत कर मसले को सुलझाने की कोशिश की है.

जी-15 बैठक

जी-15 देशों में एशिया, अफ्रीका और लातिन अमरीका के विकासशील देश शामिल हैं. बैठक में भारत, ब्राज़ील, इंडोनेशिया, मिस्र और ईरान समेत 17 देश हिस्सा ले रहे हैं और इस दौरान समूह को मज़बूत करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा होनी है.

पश्चिमी देश परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर ईरान पर प्रतिबंध लगाने की हिमायत कर रहे हैं इसलिए माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान अपने लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश करने वाला है.

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा इस बैठक में हिस्सा लेने तेहरान पहुंचे हैं और इस दौरान उन्होंने ईरान के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की है.

माना जा रहा है कि विदेश मंत्री अपने दौरे में ईरानी विदेश मंत्री के साथ तीन देशों की पाइपलाइन के मसले पर विस्तृत विचार विमर्श करेंगे.

बैठक में हिस्सा लेने के लिए अल्जीरिया, ब्राज़ील, सेनेगल, ज़िंबाब्वे, वेनेजुएला और श्रीलंका के राष्ट्रपति तेहरान पहुंचे हैं जबकि सीरिया के राष्ट्रपति कतरी आमिर और तुर्की के प्रधानमंत्री बैठक के विशेष अतिथि होंगे.

ईरान का मानना है कि अगर जी-15 देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवा, पूंजी और वस्तुओं के क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी और बढ़ाने की ज़रुरत है.

इस बैठक में बड़े नेताओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित होने के बाद ईरान के एक जाने माने मौलाना होज्जातोलेस्लाम काज़म सेद्दिकी ने कहा है कि जी-15 बैठक यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अभी भी ईरान की स्थिति मज़बूत है.

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