थाईलैंड में संघर्षविराम की पेशकश

थाइलैंड

थाईलैंड में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सरकारी विरोधी प्रदर्शनकारियों से एक बार फिर संघर्षविराम का प्रस्ताव मिला है.

इससे पहले इन प्रदर्शनकारियों को सरकार ने अपने शिविरों को छोड़ने की समयसीमा तय की थी जिसे इन लोगों ने अनसुना कर दिया था.

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में तत्काल चुनाव कराए जाएं.

ग़ौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच हुई झड़पों में अब तक 40 लोग मारे जा चुके हैं.

हालांकि प्रदर्शन जारी हैं लेकिन ताज़ा हिंसा की कोई ख़बर नहीं है.

सेना ने प्रदर्शनकारियों के मज़बूत ठिकानों पर काफ़ी हद तक लगाम लगा दी है.

समयसीमा समाप्त

सरकार ने प्रदर्शनकारियों से आख़िरी बार अपील की है कि वो शिविरों को छोड़ दें और अपने घर वापस चले जाएं.

सरकारी टेलीविज़न पर एक संदेश प्रसारित किया गया है जिसमें कहा गया है कि जो भी व्यक्ति शिविर को छोड़ना चाहता है उसे घर तक भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाएगी.

लेकिन इस प्रस्ताव को ठुकराने वालों को चेतावनी भी दी गई है.

इसके बावजूद शिविरों में मौजूद हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है.

इधर सरकारी समयसीमा की अवधि ख़त्म होने के साथ ही लोगों के दिलों की धड़कनें तेज़ होती जा रही हैं.

सरकार इस इलाक़े को किसी भी क़ीमत पर खाली कराने को कटिबद्ध नज़र आ रही है चाहे उसे बल प्रयोग ही क्यों न करना पड़े.

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