दिल के दौरे के बाद सेक्स से डर

  • 23 मई 2010
प्रेमी युगल
Image caption दिल के रोगियों में सेक्स के प्रति डर दूर करने के लिए डॉक्टरों को बात करने की सलाह

अमरीका के वैज्ञानिकों के मुताबिक दिल का दौरा पड़ने के बाद लोग सेक्स से परहेज करने लगते हैं. उनमें इस बात का डर बैठ जाता है कि सेक्स करने से उनकी मौत हो जाएगी.

अक्सर ऐसे रोगी सेक्स से परहेज करने लगते हैं.

वैज्ञानिकों के दल ने अमरीकन हार्ट एसोसिएशन की बैठक में यह जानकारी दी है.

अध्ययन की अगुआई डॉ स्टैसी टेस्सलर लिंडौ ने की जिसमें कुल 1,700 लोगों को शामिल किया गया था.

डॉक्टर लिंडौ ने कहा कि सेक्स के दौरान मृत्यु की संभावना नगण्य होती है. उन्होंने डॉक्टरों से आह्वान किया है कि इस डर को दूर भगाने के लिए वे अपने रोगियों से सेक्स पर चर्चा करें.

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन ने डॉक्टर लिंडौ की बात का समर्थन किया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद रोगी अगर बच जाता है और अस्पताल से छूटने के बाद सीढ़ियां चढ़ने जैसी हल्की एक्सरसाइज कर सकता है तो उसके लिए एक बार फिर से सेक्स शुरू करना सुरक्षित है.

यौन सक्रियता

अध्ययन में उन लोगों को शामिल किया जिनको एक बार दिल का दौरा पड़ चुका था. इस अध्ययन में कुल 1,184 पुरुषों और 576 महिलाओं को शामिल किया गया.

इनसे दिल का दौरा पड़ने के पहले और बाद में यौन सक्रियता के बारे में पूछा गया.

दिल का दौरा पड़ने के एक महीने के बाद और फिर एक साल के बाद इनकी सेहत के बारे में पड़ताल की गई. जिन पुरुषों की औसत आयु 59 साल थी, वे महिलाओं की तुलना में दिल का दौरा पड़ने के पहले अधिक यौन सक्रिय थे.

चर्चा से परहेज

अध्ययन में शामिल आधे से भी कम पुरुषों और करीब एक तिहाई महिलाओं ने दिल के दौरे के बाद अपने सेक्स जीवन के बारे में डॉक्टरों से चर्चा की थी.

दिल का दौरा पड़ने के बाद 40 फ़ीसदी से कम पुरुषों और 20 फ़ीसदी से कम महिलाओं ने एक साल के भीतर सेक्स के बारे में डॉक्टरों से चर्चा की.

एक साल के बाद दो तिहाई से अधिक पुरुषों और 40 फ़ीसदी महिलाओं ने अपनी यौन सक्रियता के बारे में कुछ जानकारी दी.

डॉ लिंडौ ने कहा, “जिन लोगों को दिल का दौरा पड़ चुका है, वे लोग डॉक्टर से सेक्स के बारे में चर्चा से बचते हैं.”

उन्होंने कहा कि अगर इनमें से कुछ रोगियों को जानकारी दी भी जाती है तो वो अधकचरी होती है.

उनका कहना है कि सेक्स को सिर्फ़ इसलिए खारिज़ नहीं किया जा सकता कि रोगी वृद्ध है या शादीशुदा है.

डॉ लिंडौ का कहना था कि वो सेक्स को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं और चाहते हैं कि डॉक्टर इसे अहमियत दें.

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