अमरीकी सैन्य अड्डा जापान से नहीं हटेगा

  • 23 मई 2010
हातोयामा का विरोध
Image caption ओकिनावा में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

जापान के प्रधानमंत्री यूकियो हातोयामा ने देश मे मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डा नहीं हटाने के लिए ओकिनावा की जनता से माफ़ी मांगी है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल इसी चुनावी वादे के साथ वे प्रधानमंत्री बने थे.

हातोयामा का कहना था, "अपना वादा नहीं निभाने के लिए मैं ओकिनावा की जनता से माफ़ी मांगता हूं."

कोरियाई प्रायद्वीप में मौजूद तनाव की ओर संकेत करते हुए हातोयामा ने देश मे अमरीकी सैन्य मौजूदगी को सही ठहराया.

प्रधानमंत्री हातोयामा ने कहा कि इस समय पूर्वी एशिया में सुरक्षा की स्थिति काफ़ी कमज़ोर है.

ओकिनावा में फुतेन्मा अमरीकी सैन्य अड्डे की मौजूदगी पर स्थानीय लोग बहुत नाराज़ हैं.

स्थानीय लोगों ने ओकिनावा पहुंचने पर हातोयामा के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए.

पिछले महीने भी ओकिनावा मे लगभग एक लाख लोगों ने इस अड्डे को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे.

इस अड्डे के भविष्य को लेकर ही वाशिंगटन और जापान सरकार के रिश्तों में तनाव भी आया है.

हातोयामा ने ओकिनावा की यात्रा के दौरान गवर्नर हिरोकाज़ू नाकाएमा से मुलाक़ात की और कहा कि अमरीकी अड्डे को

उन्होंने गवर्नर से इस अमरीकी अड्डे को किसी और प्रांत में भेजने की बात भी कही, “ मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि फुतेन्मा अड्डे को ओकिनावा से हटाना ज़रूरी हो गया है. इसे किसी और जगह, शायद हेनोको ले जाना पड़े.”

हाल ही में दक्षिण कोरिया के एक युद्धक जहाज़ के डूबने के पीछे उत्तर कोरिया का कथित रूप से हाथ मानने वाले हातोयामा का कहना है कि सुरक्षा ज़रूरतों को देखते हुए जापान से फ़िलहाल अमरीकी सैनिकों की संख्या घटाई नहीं जा सकती.

जापान में अमरीका की फौज का लगभग आधा हिस्सा फ़ुतेन्मा अड्डे पर मौजूद है.

दोगलापन

लेकिन ओकिनावा प्रातं के गवर्नर का कहना है कि फुतेन्मा को हेनोको ले जाने के मुद्दे पर जनसमर्थन कभी नहीं मिलेगा.

उनका कहना था कि ये सोच सही नहीं है, "मैं आपको बतादूं कि आपका ये फ़ैसला दुर्भाग्यपूर्ण है, इसे लोगों की सहमति मिलना बेहद कठिन है."

जापान में पिछली अर्धशती के रूढ़िवादी प्रशासन का अंत करने वाले और व्यापक बदलावों की बात करने वाले प्रधानमंत्री हातोयामा के लिए ये दोगलापन काफी उलझन वाली बात हो गई है.

जनमत सर्वेक्षणों मे कहा जा रहा है कि हातोयामा पिछले कुछ महीनों से अपनी लोकप्रियता खोते जा रहे हैं.

विश्लेषकों के मुताबिक फ़ुतेन्मा विवाद पर उनके इस यू-टर्न से उनकी साख को और धक्का पहुंचेगा.

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