ओबामा एकतरफ़ा कार्रवाई के पक्ष में नहीं

ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है कि अमरीका एकतरफ़ा कार्रवाई नहीं करता रह सकता और उसे अपनी विदेश नीति में बदलाव कर विभिन्न देशों को साथ लेकर चलने की नीति अपनानी चाहिए.

अगले सप्ताह ओबामा राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की घोषणा करने वाले हैं, उसके पहले दिए अपने भाषण में उन्होंने कहा कि अमरीकी ने जब भी गठबंधन में काम किया है, तो बेहतर स्थिति में रहा है.

ओबामा ने इसके लिए द्वितीय विश्व युद्ध और शीत युद्ध की मिसाल पेश की.

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था कि जब भी अमरीका अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दायरे से बाहर गया है, वो सफल नहीं रहा है.

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था,''इस सदी की चुनौतियों का सामना करने की ज़िम्मेदारी अकेले अमरीकी सैनिकों की नहीं है. हमारे विरोधी चाहते हैं कि हम कई मोर्चों पर एक साथ उलझे रहें ताकि हमारी क्षमता कम हो जाए. अतीत में हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम किया है और एकतरफ़ा कार्रवाई से बचते रहे हैं.''

विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति ओबामा का ये बयान पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की नीति से अलग है. जॉर्ज बुश की नीति एकतरफ़ा कार्रवाई की थी.

हालांकि उन्होंने अपने भाषण में जॉर्ज बुश का नाम नहीं लिया.

राष्ट्रपति ओबामा ने ये भाषण वेस्ट प्वाइंट मिलेट्री एकेडमी में दिया.

ओबामा का कहना था, ''जब भी हमने स्वतंत्रता और न्याय की दिशा में प्रयास किए हैं, हम सफल रहे हैं. जो राष्ट्र अपनी ज़िम्मेदारियाँ उठाते हैं, वो फलते फूलते हैं, अन्यथा उन्हें इसका खामियाजा उठाना पड़ता है.''

हाल की घटनाओं के संबंध में ओबामा ने कहा कि आतंकवादी हमें भयभीत करना चाहते हैं, वो चाहते हैं कि अमरीका और इस्लाम के बीच संघर्ष हो लेकिन मुसलमान भी अमरीका का उतना ही हिस्सा हैं जितना अन्य समुदाय.

ग़ौरतलब है कि बुश प्रशासन के अब से ठीक आठ साल पहले सुरक्षा नीति की घोषणा की थी.

इसके पहले राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि जब इराक़ युद्ध शुरु हुआ तो उन्होंने इसका विरोध किया था और उसके बाद अमरीका की सारी ताकत इराक़ पर केंद्रित रही जबकि बाक़ी की दुनिया और अमरीका के बीच एक खाई पैदा हो गई थी.

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