एक भारतीय की हत्या में तीन को सज़ा

Image caption इंगलैंड की एक अदालत ने एक भारतीय की हत्या में तीन लोगों को जेल की सज़ा सुनाई

इंगलैंड के नॉरफ़क ज़िले के डिस नगर में एक भारतीय की हत्या के आरोप में तीन लोगों को जेल की सज़ा सुनाई गई है.

सरवनकुमार सेलाप्पन एक पैट्रोल पंप में काम करके घर लौट रहे थे कि तीन लोगों ने उन्हे मारा और उनका ब्लैकबेरी मोबाइल फ़ोन छीनकर चलते बने.

बाद में इस फ़ोन को उन्होने 60 पाउंड में बेच दिया.

इंगलैंड की एक अदालत ने 18 वर्षीय रोशन समेदॉफ़, 20 साल के जिगर अहमदी और 18 वर्षीय अवात मुरादी को मानव हत्या और डकैती का दोषी पाया.

इन तीनों को नौ साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

अकेली संतान

सेलाप्पन के माता पिता भारत में रहते हैं और वो अकेली संतान थे.

ये घटना अक्टूबर 2009 की है जब सरवनकुमार काम से घर लौट रहे थे. इन तीन युवकों ने उन्हे ब्लैकबेरी फ़ोन पर बात करते देखा तो उनका पीछा करने लगे.

फिर एक सुनसान सड़क पर आकर उन्होने सरवन कुमार को मारा जिससे वो धराशायी हो गए और उनका फ़ोन लेकर भाग गए.

अगले दिन मस्तिष्क में आई चोट के कारण सरवनकुमार की मृत्यु हो गई.

न्यायाधीश माइकिल मैटेयर ने अपना फ़ैसला देते हुए कहा, “ये एक बेगुनाह व्यक्ति के ख़िलाफ़ की गई हिंसात्मक डकैती थी”.

जज ने कहा, “तुम तीन लोगों देखकर शायद वो धमकी भर से अपना फ़ोन तुम्हें दे देता. लेकिन तुमने उसे ये मौक़ा भी नहीं दिया”.

अदालत ने कहा कि उसपर क्रूर प्रहार किया गया जिससे उसके मस्तिष्क में चोट आई और वो मर गया.

जज मैटेयर ने दोषियों से पूछा, “और ये सब किसलिए. 60 पाउंड और चिकन करी के लिए ”.

जज ने बताया कि सरवनकुमार ने फ़ोन की चोरी की सूचना पुलिस को नहीं दी क्योंकि वो भारत में अपने माता पिता को चिंतित नहीं करना चाहते थे.

जब उनके मित्र उन्हे अस्पताल ले गए तो उन्होने कहा कि चोट सीढ़ियों से गिर जाने से आई है.

लेकिन उसके मृत्यु के बाद पैथोलॉजिस्ट ने पुलिस को बताया कि गिरने से इस तरह की चोट नहीं लग सकती.

पुलिस ने मामले की छानबीन की और सीसीटीवी कैमरों की बदौलत तीनों हमलावर पकड़े गए.

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