उत्तर कोरिया पर दक्षिण कोरियाई प्रतिबंध

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Image caption जांचकर्ताओं के मुताबिक हमले में इस्तमाल टोरपीडो पर पाए गए निशान उत्तरकोरियाई टोरपीडो के हैं.

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ व्यापक आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है.

दक्षिण कोरियाई युद्धपोत के उत्तर कोरियाई टोरपीडो हमले से डुबोए जाने की रिपोर्ट आने के बाद ली म्युंग बाक ने ये घोषणा की है.

सरकारी टेलिविज़न पर प्रतिबंधो की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने कहा कि उत्तर कोरिया को अपने किए की क़ीमत चुकानी पड़ेगी.

उनका कहना था,“उत्तर कोरिया के किसी भी भड़काऊ क़दम को अब दक्षिण कोरिया बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे क़दमों पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी.”

दक्षिण कोरिया द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों में एक तो उत्तर कोरिया के साथ व्यापारिक संबंध ख़त्म करना, दक्षिण कोरियाई जल क्षेत्र में उत्तर कोरियाई जहाज़ों को न आने देना, संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में ये मुद्दा उठाना और उत्तर कोरिया के ख़िलाफ सीमा के आर पार अपना प्रचार अभियान जारी रखना शामिल हैं.

दक्षिण कोरिया का चनान नामक ये युद्धपोत विवादित कोरियाई समुद्री सीमा के पास 26 मार्च को डूबा था, जिसके लिए लिए दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को ज़िम्मेदार ठहराया था.

ताज़ा जांच रिपोर्ट में ये कहा गया है कि चनान युद्धपोत को उत्तर कोरिया की पनडुब्बी से दागे गए टोरपीडो ने डूबोया था. उसमें 46 नाविक मारे गए थे.

उत्तर कोरिया के प्रमुख समाचार पत्र ने इस जांच को ‘बुरी तरह भड़काऊ और असहनीय’ बताया है.

अमरीकी समर्थन

अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने दक्षिण कोरिया के इस क़दम की सराहना करते हुए पूर्ण अमरीकी समर्थन की घोषणा की.

हिलेरी क्लिंटन ने उत्तर कोरिया को कड़ी चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि इस लड़ाकू और निरंकुश रवैए पर अंकुश लगाना ज़रूरी है.

उनका कहना था, “हम उत्तर कोरिया से मांग करते हैं कि वह अपने भड़काऊ रवैये से बाज़ आए और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करे.”

हिलेरी क्लिंटन ने बीजिंग में अमरीकी-चीनी शिखर सम्मेलन में चीन से भी अनुरोध किया कि वह उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों के मुद्दे पर अमरीका का साथ दे.

चीन के उत्तर कोरिया के साथ सबसे नज़दीकी व्यापारिक रिश्ते हैं, इसी वजह से उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों की उसने कभी हिमायत नहीं की.

उत्तर कोरिया ख़ुद अपने 80 फ़ीसदी बाहरी व्यापार और अपने सकल घरेलू उत्पाद के 35 फ़ीसदी हिस्से के लिए दक्षिण कोरिया और चीन पर निर्भर करता है.

जांच

चनान नामक ये युद्धपोत विवादित कोरियाई समुद्री सीमा के पास 26 मार्च को डुबोया गया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया..

जहाज़ के मलबे को समुद्री तट से उपर खींचा गया और अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और स्वीडन के विशेषज्ञों ने इसकी जांच पड़ताल की.

उनका कहना है कि जहाज़ के निचले हिस्से से स्पष्ट है कि इसे टोरपीडो के ज़रिए डुबोया गया और टोरपीडो पूरी तरह से उस डिज़ाइन से मिलता है जो उत्तर कोरिया में बनते हैं.

उत्तर कोरिया ने इस इस हमले में अपना हाथ होने से इंकार किया है और जांच को एक जालसाज़ी क़रार दिया है.

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