गठबंधन सरकार ने प्राथमिकताएँ तय की

  • 25 मई 2010
महारानी एलिज़ाबेथ
Image caption महारानी एलिज़ाबेथ ने 56वीं बार संसद के नए सत्र का उदघाटन किया है

ब्रिटेन की नई गठबंधन सरकार ने आने वाले महीनों के लिए अपनी प्राथमिकताएँ घोषित कर दी हैं. सर्वाधिक ज़ोर बजट घाटे को कम करने और अर्थव्यवस्था को संभालने पर होगा.

शिक्षा, पुलिस, समाज कल्याण और राजनीतिक प्रक्रिया के क्षेत्रों में भारी बदलाव किए जाएंगे.

महारानी एलिज़ाबेथ ने नई संसद के पहले सत्र का उदघाटन करते हुए अपने भाषण में सरकार के इन संकल्पों का उल्लेख किया.

कंज़र्वेटिव्स और लिबरल डेमोक्रेट्स की सरकार ने अगले डेढ़ वर्षों में 22 विधेयक पारित कराने का लक्ष्य रखा है. ये विधेयक सरकार के गठन के लिए दोनों दलों के बीच हुए समझौते के बिंदुओं के अनुरूप हैं.

ये 56वाँ मौक़ा है जब महारानी ने संसद के नए सत्र का उदघाटन किया है.

उन्होंने कहा, "पहली प्राथमिकता है बजट घाटे को कम करना और दोबारा आर्थिक विकास सुनिश्चित करना."

उल्लेखनीय है कि महारानी के अभिभाषण का मसौदा पिछले हफ़्ते ही अख़बारों में लीक हो गया था, इसलिए उनकी घोषणा में कोई बात चौंकान वाली नहीं है.

घोषणाएँ

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की सरकार ने आने वाले महीनों में पहचान पत्र और बायोमेट्रिक पासपोर्ट की योजनाओं को ख़त्म करने, डीएनए रिकॉर्ड को नियमित करने और सीसीटीवी कैमरों को लेकर क़ानून बनाने के भी लक्ष्य घोषित किए हैं.

सरकार ने मौजूदा संसद का सत्र पाँच साल के लिए निश्चित करने की दिशा में भी क़दम उठाने का भी ऐलान किया है, साथ ही चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन के लिए जनमत संग्रह कराने की भी घोषणा की गई है.

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार एक नया विधेयक लाएगी जिसका लक्ष्य होगा स्कूलों को पाठ्यक्रम तय करनी की अतिरिक्त छूट देना और स्कूलों के संचालन में प्रधानाचार्यों को ज़्यादा आज़ादी देना.

समाज कल्याण के क्षेत्र में लाए जाने वाले विधेयक का उद्देश्य होगा लोगों को काम करने के लिए प्रेरित करना. इसमें सरकारी पेंशन की उम्र सीमा भी बढ़ाने का प्रावधान किया जा सकता है.

महारानी के भाषण के ज़रिए सरकार ने वित्तीय नियम-क़ानूनों को भी कसने का इरादा ज़ाहिर किया है.

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