कैरीबियाई देश की प्रधानमंत्री भारतीय मूल की

कमला परसाद बिसेसर, चित्रः एएफ़पी

कैरिबियाई देश त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो को कमला परसाद बिशेशर के रूप में पहली महिला प्रधानमंत्री मिल रही हैं जो कि भारतीय मूल की ऐसी एकमात्र महिला हैं जो किसी देश के प्रधानमंत्री पद पर आने वाली हैं.

इससे पहले फ़िजी और मॉरीशस में भारतीय मूल के नेता सर्वोच्च पद पर आ चुके हैं लेकिन किसी महिला के लिए यह पहला सम्मान है.

पूर्व अटॉर्नी जनरल, 58 वर्षीया कमला बिशेशर विपक्षी दल युनाइटेड नेशन्स कॉंग्रेस, यूएनसी की अध्यक्ष हैं. उन्होंने पिछले 13 साल से प्रधानमंत्री पद संभाल रहे पीपल्स नेशनल मूवमेंट पार्टी के नेता पैट्रिक मैनिंग को आम चुनाव में पराजित किया.

मैनिंग ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को टालने के लिए मध्यावधि चुनाव की घोषणा की थी. इससे पहले मैनिंग पर लगातार धन के दुरुपयोग और सार्वजनिक इमारतों के निर्माण पर अंधाधुंध ख़र्च के आरोप लगते रहे थे.

शुरुआती परिणामों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन, यूएनसी ने संसद की 41 में से 17 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और पैट्रिक मैनिंग ने पराजय स्वीकार कर ली है.

लगभग 13 लाख की आबादी वाले छोटे से देश त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो में लगभग पचास प्रतिशत संख्या उन लोगों की है जिनके पूर्वज उस समय भारत से वहाँ गए थे जब यह देश ब्रिटेन के क़ब्ज़े में था.

जीवनी

कमला परसाद बिशेशर का जन्म 22 अप्रैल, 1952 को सिपारिया में हुआ. वह त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो में अटॉर्नी जनरल के पद पर आसीन होने वाली पहली महिला थीं.

वर्ष 1995 तक उन्होंने संसद में सिपारिया का प्रतिनिधित्व किया.

जब उनकी पार्टी युनाइटेड नेशनल कॉंग्रेस 2000 में सत्ता में आई तो उनकी शिक्षा मंत्री के पद पर नियुक्ति हुई.

अप्रैल, 2006 में वह विपक्ष की नेता चुनी गईं. 24 जनवरी, 2010 को उन्हें पार्टी के संस्थापक बासुदेव पांडे के स्थान पर पार्टी का राजनीतिक नेता चुन लिया गया.

पच्चीस फ़रवरी, 2010 को यूएनसी के सांसदों ने बहुमत से उन्हें औपचारिक तौर पर विपक्ष की नेता घोषित किया और 24 मई, 2010 को उन्हें त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला.

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