अमरीकी ख़ुफ़िया मिशन और तेज़ होंगे

Image caption ये आदेश मुख्य रूप से छोटी टुकड़ियों या स्पेशल ऑपरेशंस दस्तों के लिए है.

न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने कहा है कि अमरीका ने अब मध्यपूर्व और मध्य एशिया में अपने ख़ुफ़िया अभियानों के दायरे को और बढ़ाने का आदेश जारी किया है.

अख़बार ने लिखा है कि इस क्षेत्र के सर्वोच्च कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस ने इस फ़रमान पर सितंबर में ही दस्तख़त कर दिया था.

अख़बार का दावा है कि उन्होंने जनरल पेट्रेयस की ओर से जारी सात पन्नों के इस आदेश की कॉपी देखी है.

इस आदेश में दोस्त और दुश्मन सभी देशों में ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने की बात कही गई है और स्थानीय ताक़तों के साथ रिश्ते बनाने पर भी ज़ोर दिया गया है.

उद्देश्य

इसमें कहा गया है कि ये अमरीकी सैनिकों की छोटी टुकड़ियों के लिए जारी किया गया है, ख़ासतौर पर स्पेशल ऑपरेशंस दस्तों के लिए.

इसका उद्देश्य ख़ुफ़िया जानकारियों को और पुख़्ता करने के साथ साथ ऐसे नेटवर्क स्थापित करना है जो अल क़ायदा जैसे चरमपंथी गुटों के बीच घुसपैठ कर सकें, उनके लिए बाधा खड़ी कर सकें, उन्हें हरा सकें और उन्हें तबाह कर सकें.

Image caption अख़बार का कहना है कि इस आदेश पर जनरल डेविड पेट्रेयस ने दस्तख़त किए हैं.

इसके अलावा इनके एजेंडा पर भविष्य में अमरीकी या स्थानीय सेना की ओर से हमलों के लिए माहौल तैयार करना भी है.

अख़बार का कहना है कि इस दस्तावेज़ से आभास मिलता है कि ये इरान में विशेष अभियान चलाने की प्रक्रिया को भी हरी झंडी दे रहा है.

पिछले कुछ सालों में अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागॉन के ख़ुफ़िया अभियानों में तेज़ी आई है.

उदाहरण के तौर पर उन्होंने इस दिशा में यमन के साथ बढ़ते सहयोग की भी बात की है.

न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि इस आदेश का मकसद इन सब प्रक्रियाओं को और सुनियोजित तरीके से लागू करना और लंबे समय तक के लिए जारी रखना है.

बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि अमरीका में इस बात की चिंता है जब से अमरीका ने इराक़ और अफ़गानिस्तान पर ध्यान केंद्रित किया है चरमपंथी ख़तरे की धुरी कहीं और खिसक गई है और संभव है कि ये आदेश उसी सोच के तहत जारी किया गया है.

ओबामा प्रशासन या पेंटॉगॉन ने फ़िलहाल इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से इंकार किया है.

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