ड्रोन संचालकों को फटकार

Image caption अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी 'हंटर किलर ड्रोन' एम क्यू-9 रीपर से हमले किए जाते हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में 'भूल से हुए' हमले में 23 नागरिकों की जान लेने वाले मानव रहित ड्रोन के 6 संचालकों को अमरीकी सेना ने फटकार लगाई है.

फरवरी में उरूज़गन प्रांत में हुए इस हमले में 23 नागरिकों की मौत की इस घटना की व्यापक तौर पर निंदा हुई थी.

अमरीकी सेना की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन में सफ़र कर रहे नागरिकों के हमलावर नहीं होने की चेतावनियों को अनदेखा कर दिया गया.

ज़मीनी सेना के कमांडर इस बारे में अनभिज्ञ थे कि वाहन में कौन लोग सवार हैं.

नेटो गठबंधन सेना के उस समय के एक वक्तव्य में कहा गया था कि काफ़िले में तालेबान चरमपंथी है, जो अफ़ग़ान और नेटो सैनिकों पर हमला करने के लिए निकले है.

लेकिन हमले के बाद सेना ने देखा कि महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक मारे गए.

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि नेवादा स्थित अमरीकी हवाई सेना के बेस से क़ाफ़िले की निगरानी कर रहे चालक दल की ग़लत सूचना और ज़मीन पर नैटो कमांडर की भ्रामक आकलन के कारण इस हमले का आदेश दिया गया.

रिपोर्ट का कहना है कि सुरक्षा चौकियों से हुई कोताही के कारण ज़मीनी सेना के कमांडर को ये सही जानकारी नहीं मिल पाई कि क़फ़िला सेना के लिए ख़तरा नहीं है.

अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सेना के कमांडर जनरल स्टैनली मैक्क्रिस्टल ने कहा है कि इस घटना के ज़िम्मेदार 4 वरिष्ठ अधिकारियों और दो सहायकों को पत्र लिखकर फटकार लगाई गई है.

जनरल मैक्क्रिस्टल का कहना था, यहां हमारा सबसे महत्वपूर्ण अभियान अफ़ग़ानिस्तान के नागरिकों की सुरक्षा है.

उनका कहना था, "ग़लती से या अनजाने में किए हमलों में नागरिकों की जान जाने या ज़ख्मी होने की घटनाएं काफ़ी संवेदनशील हैं. ऐसी घटनाओं से लोगों का हमारे मिशन में विश्वास टूटता है."

उन्होंने कहा, "हम उनके विश्वास को फिर से अर्जित करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे."

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