जहाज़ों का बेड़ा गज़ा की ओर चला

Image caption हमास की नौसेना पुलिस इस बेड़े को गज़ा तक पहुंचाने के लिए समुद्री सीमा में पैट्रोलिंग कर रही है.

फ़लस्तीनियों के लिए कई हज़ार टन रसद और अन्य चीज़ों से लदे जहाज़ों का एक बेड़ा साइप्रस से निकलकर गज़ा पट्टी के लिए रवाना हो चुका है.

इसके आयोजक, फ़्री गज़ा मूवमेंट, के सदस्यों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वो सोमवार तक गज़ा पट्टी पहुंच जाएंगे लेकिन इसराइल का कहना है कि वो इन जहाज़ों को रोक देगा.

इसराइल का कहना है कि ये अभियान इसराइल को अवैध साबित करने के लिए उठाया गया एक भड़काउ कदम है.

फ़लस्तीनी क्षेत्र पिछले तीन सालों से इसराइल की ओर से लगाए गए आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहा है और फ़्री गज़ा मूवमेंट के प्रदर्शनकारी इस नाकेबंदी को खत्म करने के उद्देश्य से वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

इसराइल ने ये नाकेबंदी गज़ा में इस्लामी गुट हमास के सत्ता में आने के बाद शुरू की थी.

पिछले दस सालों में हमास ने इसराइल पर हज़ारों रॉकेट दागे हैं.

पानी के रास्ते मदद लेकर जा रहे ये मानवाधिकार कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से कह रहे हैं कि वो गज़ा के करीब पहुंच गए हैं लेकिन पहले तय कार्यक्रम से वो कई दिन पीछे चल रहे हैं.

आयोजकों ने इस बात की पुष्टि की है कि कि वो साइप्रस से रवाना हो चुके हैं लेकिन उनकी योजना क्या है इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

एक कार्यकर्ता ग्रेटा बर्लिन ने बीबीसी को बताया, “हमने ये अनिश्चितता का माहौल जानबूझ कर बना रखा है क्योंकि हम इसराइली नौसेना को पहले से ही नहीं बताना चाहते कि हम कब वहां पहुंचेगे.”

राजनीतिक रंग

उन्होंने कहा कि उनका गुट इसराइलियों से बातचीत करके गज़ा में प्रवेश करना चाहेगा.

इसराइली सरकार के प्रवक्ता मार्क रेगेव का कहना है कि ये लोग मानवाधिकार क्रियाकलाप की आड़ में राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इसराइल और मिस्र दोनों ही देशो ने जहाज़ों पर लदी सारी सामग्री गज़ा तक पहुंचाने का विकल्प इन लोगों को दिया है लेकिन उन्होंने उसमें कोई रूचि नहीं दिखाई है.

Image caption संभावना है कि ये बेड़ा सोमवार तक गज़ा पहुंच सकता है.

उनका कहना था, “ऐसा लगता है कि वो आंदोलनकारी राजनीति को गज़ा के लोगों की भलाई से उपर रखते हैं.”

गज़ा में मौजूद बीबीसी संवाददात जोन डॉनिसन का कहना है कि दोनों ही पक्ष इस मामले को अपने अपने हिसाब से राजनीतिक रंग दे रहे हैं.

हमास के प्रधानमंत्री इसमाइल हानिया ने कहा है कि इसराइल की ओर से इन जहाज़ों को रोकने की कोई कार्रवाई समुद्री लुटेरों जैसी कार्रवाई होगी.

इसराइली सरकार के प्रेस अधिकारी पत्रकारों को बता रहे हैं कि गज़ा को किसी मदद की ज़रूरत नहीं है क्योंकि हर हफ़्ते इसराइल वहां 15,000 टन सामग्री पहुंचाता है.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये मदद नाकेबंदी से पहले गज़ा पहुंचने वाली सामग्री का एक छोटा सा हिस्सा भर है और ज़रूरत से बहुत कम है.

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