चीन अब भी उत्तर कोरिया के साथ

  • 30 मई 2010
जुजु बैठक
Image caption दक्षिण कोरिया में बैठक के बाद तीनों देशों के नेता हाथ मिलाते हुए.

जापान, चीन और दक्षिण कोरिया ने कहा है कि दक्षिण कोरिया के युद्धपोत को डुबोने की घटना के बाद क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा हो गया है. लेकिन चीन ने दक्षिण कोरिया के दबाव के बावजूद इस घटना पर उत्तर कोरिया की आलोचना नहीं की है.

ग़ौरतलब है कि इस क्षेत्र में 26 मार्च को दक्षिण कोरियाई युद्धपोत चेओनान के डुबोए जाने के बाद तनाव लगातार बढ़ रहा है. इस हादसे में 26 नाविकों की मौत हो गई थी.

दक्षिण कोरिया का कहना है कि उनका युद्धपोत उत्तर कोरिया की पनडुब्बी ने डुबोया है. उत्तर कोरिया ने इसका खंडन किया है.

दक्षिण कोरिया में बैठक के बाद तीनों नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. चीन के प्रधानमंत्री वेन जिआबाओ ने कहा कि क्षेत्र में तनाव ख़त्म करने की ज़रुरत है लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर उत्तर कोरिया के बारे में कुछ भी नहीं कहा.

दक्षिण कोरिया में तीनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद जापान के प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा ने कोरियाई राष्ट्रपति ली म्यूंग-बाक को पूरे सहयोग देने का आश्वासन दिया है.

हातोयामा ने इस बात से भी सहमति जताई है कि दक्षिण कोरियाई युद्धपोत को उत्तर कोरिया की पनडुब्बी ने ही डुबोया है.

अभी ये साफ़ नहीं है कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ किसी प्रकार की कार्रवाई का साथ देगा या नहीं. दक्षिण कोरिया चाहता है कि सुरक्षा परिषद इस मामले में कोई कार्रवाई करे.

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