इसराइली हमले में नौ की मौत

Image caption हमास की नौसेना पुलिस इस बेड़े को गज़ा तक पहुंचाने के लिए समुद्री सीमा में पैट्रोलिंग कर रही है.

इसराइली सेना ने कहा है कि छह जहाज़ों के बेड़े पर किए गए हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं. सेना का कहना है कि ये जहाज़ गज़ा पट्टी जाने पर लगी रोक को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

इसराइली सैनिक हेलीकॉप्टर के ज़रिए जहाज़ों पर उतरे और उसके बाद कार्यकर्ताओं और सैनिकों में संघर्ष हुआ. सेना के अनुसार जहाज़ पर कार्यकर्ताओं ने उन पर चाकू और लाठियों से हमला किया जिसके जवाब में कार्रवाई की गई और नौ कार्यकर्ता मारे गए.

सेना का कहना है कि घटना में चार इसराइली सैनिक घायल भी हुए हैं.

इसराइल के एक मंत्री बिनयामिन बेन एलिज़र ने कार्यकर्ताओं के मारे जाने पर अफ़सोस प्रकट किया है.

शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों के मरने और कई लोगों के घायल होने की ख़बर आई थी लेकिन अब इसराइली सेना ने कहा है कि मरने वालों की संख्या नौ है.

इसराइल ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि वो कोई भी रसद गज़ा ले जाने नहीं देगा.

इसराइल ने यह हमला गज़ा से क़रीब साठ किलोमीटर दूर समु्द्र में किया है. यह इलाक़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री जल के अंतर्गत आता है.

तुर्की टेलीविज़न पर दिखाई जा रही तस्वीरों में इसराइली सैनिकों को बेड़े पर मौजूद कार्यकर्ताओं से लड़ते हुए दिखाया गया है. तुर्की मीडिया के अनुसार इसमें कई दर्ज़न लोग घायल हुए हैं.

तुर्की ने राहत सहायता लेकर जा रहे इस बेड़े पर इसराइली कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि यह कार्रवाई अस्वीकार्य है. तुर्की ने इसयाइल के राजदूत को भी विदेश मंत्रालय में बुलाया और स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.

फ़लस्तीनियों के लिए राहत सामग्री ले जाने का आयोजन तुर्की की एक चैरिटी ने किया था और जहाज़ों पर मौजूद अधिकतर कार्यकर्ता तुर्की के नागरिक हैं.

उधर इस्तांबूल में बड़ी संख्या में लोग इसराइली वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हो गए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

फ़लस्तीनियों के लिए कई हज़ार टन रसद और अन्य चीज़ों से लदे जहाज़ों का एक बेड़ा साइप्रस से निकलकर गज़ा पट्टी के लिए कुछ घंटों पहले रवाना हुआ था जिसके बाद इसराइल ने साफ़ कर दिया था कि वो गज़ा में किसी जहाज़ को प्रवेश नहीं करने देगा.

जहाज़ पर सीमेंट और घर बनाने का सामान है और साथ ही बड़ी मात्रा में खाने का सामान भी. यह सामान फ़लस्तीनियों के लिए है ताकि वहां विकास कार्य हो सके. इसराइल ने सीमेंट जैसे सामानों के गज़ा ले जाने पर पाबंदी लगा रखी है.

फ़लस्तीनी क्षेत्र पिछले तीन सालों से इसराइल की ओर से लगाए गए आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहा है और फ़्री गज़ा मूवमेंट के प्रदर्शनकारी इस नाकेबंदी को खत्म करने के उद्देश्य से वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

इसराइल ने ये नाकेबंदी गज़ा में इस्लामी गुट हमास के सत्ता में आने के बाद शुरू की थी.

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