24 घंटो में रिसाव बंद करने की उम्मीद

Image caption रिसाव रोकने के अब तक के प्रयास असफल रहे हैं.

अमरीकी सरकार की ओर से आपराधिक जांच के आदेश के बीच तेल कंपनी बीपी ने मेक्सिको की खाड़ी में 24 घंटों के अंदर तेल रिसाव बंद करने की उम्मीद ज़ाहिर की है.

ये तेल रिसाव मेक्सिको की खाड़ी में लगे डीपवॉटर होराइज़न नामक तेल के कुंए में धमाके के बाद शुरू हुआ और इसे अमरीकी इतिहास का सबसे गंभीर तेल रिसाव माना जा रहा है.

20 अप्रैल को हुए इस धमाके में 11 लोग मारे गए थे और बीस हज़ार लोग समुद्र में रिसे तेल की सफ़ाई में जुटे हुए हैं.

आपराधिक जांच

अमरीकी एटर्नी जनरल ने कहा है कि उनके पास इस मामले की आपराधिक जांच के लिए उपयुक्त कारण हैं.

एटर्नी जनरल एरिक होल्डर का कहना था, “हम रिसाव से जुड़े लोगों के काम की बारीकी से जांच करेंगे और हमें अगर किसी भी ग़ैरक़ानूनी बर्ताव की भनक मिली तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे.”

ये कुंआ तेल कंपनी बीपी ने लीज़ पर ले रखा था और तेल रिसाव को रोकने के उसके अबतक के प्रयास असफल हो गए हैं.

रोबोट की मदद

लेकिन अब कंपनी ने कहा है कि एक नए अभियान के तहत समुद्र के अंदर रोबोट की मदद से फटे हुए पाइपों को सफाई से काटकर उन्हें ढक्कन से सील कर दिया जाएगा.

Image caption स्थिति का जायज़ा लेने राष्ट्रपति ओबामा भी लुइज़ियाना पहुंचे.

कंपनी ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि 24 घंटे के अंदर वो ऐसा करने में कामयाब हो सकते हैं.

इसके पहले कंपनी ने टॉप किल नामक प्रक्रिया से कुएं के अंदर कीचड़ डालकर रिसाव बंद करने की कोशिश की थी लेकिन नाकामयाब रहे.

कंपनी ने कहा है कि वो किसी भी तरह की जांच में पूरा सहयोग करेगी.

मंगलवार को बीपी के शेयरों में भारी गिरावट आई क्योंकि उसका टॉप किल मिशन असफल हो गया.

एक बार तो शेयर पंद्रह महीनों के अपने न्यूनतम स्तर पर जा पहुंचे जब ये ख़बर आई कि तेल का रिसाव शायद अगस्त के पहले तक नहीं रोका जा सके.

अब कंपनी ने 24 घंटे की बात तो की है लेकिन साथ ही कहा है कि कामयाबी निश्चित हो ऐसा नहीं है.

कंपनी के प्रवक्ता डग सटल्स का कहना था, “ध्यान रहे कि ये काम समुद्र में 5,000 फ़ीट पानी के अंदर हो रहा है और छोटे से छोटे काम में भी काफ़ी वक्त लग सकता है.”

अमरीका में तूफ़ानों का मौसम अब ज़्यादा दूर नहीं है और उसके पहले ये रिसाव बंद नहीं हुआ तो डर है कि और तेल तटवर्ती इलाकों तक फैल जाएगा.

इसका पर्यावरण, समुद्री जीव जंतुओं और आसपास रहनेवाले लोगों की जिंदगी पर काफ़ी गंभीर असर हो सकता है.

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