मनमोहन सरकार का रिपोर्ट कार्ड

  • 2 जून 2010
Image caption मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार के पहले वर्ष के कामकाज का विवरण दिया

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार देश को दुनिया भर में छाई मंदी से बचाकर निकाल ले जाने में सफल हुई है.

यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के कामकाज की सालाना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं.

परम्परा के अनुसार कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास 7 रेसकोर्स पर प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने इसे पेश किया.

इस रिपोर्ट को 22 मई को प्रस्तुत किया जाना था लेकिन मंगलौर में हुई विमान दुर्घटना के बाद इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया.

उपलब्धियां

सरकार के कामकाज की इस रिपोर्ट में कहा गया कि पूरी दुनिया में छाए आर्थिक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा बल्कि वर्ष 2008 से 2010 के बीच विकास दर 7.5 से लेकर 8 प्रतिशत रही.

मनमोहन सिंह ने कहा, "इस वित्तीय वर्ष में अर्थव्यवस्था में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की आशा है. यह दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन है और ये हमारे देश के मज़बूत आधार को दर्शाता है".

यूपीए सरकार सालों से लम्बित महिला आरक्षण विधेयक राज्य सभा में पारित कराने में सफल रही.

शिक्षा के अधिकार का क़ानून भी पारित हुआ जिससे 6 से 14 साल के कम से कम एक करोड़ बच्चों को अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा मिल सकेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार ने पिछले एक साल में पूरे देश में 20,000 प्राथमिक पाठशालाएं खोली हैं.

प्रधानमंत्री ने रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा, "दूसरी यूपीए सरकार आर्थिक रूप से मज़बूत, सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण, सांस्कृतिक रूप से सक्रिय, क्षेत्रीय रूप से संतुलित, राजनीतिक रूप से सहभागी, पूर्णतया शिक्षित, तकनोलॉजी में आधुनिक, रचनाशील और उद्यमी भारत बनाने के प्रति वचनबद्ध है".

कमियां

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया और स्वीकार किया कि उनकी सरकार नक्सलवाद की समस्या से निपटने में सफल नहीं रही.

सरकार के लिए दूसरी सबसे बड़ी चुनौती रही महंगाई. सरकार खाद्य पदार्थों के दाम को नियंत्रित नहीं कर पाई.

सरकार मूलभूत ढांचे के क्षेत्र में अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी.

नरेगा और जंगल अधिकार अधिनियम को लागू करने में भी कमी रही.

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