इसराइल पर नाकेबंदी खत्म करने का दबाव

Image caption जहाज़ बेड़े पर हुई इसराइली कार्रवाई के ख़िलाफ़ कई जगह प्रदर्शन हुए.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इसराइल से गज़ा पट्टी पर लगी आर्थिक नाकेबंदी फ़ौरन हटाने की मांग की है.

वहीं अमरीका ने भी कहा है कि आर्थिक नाकेबंदी में ढील इसराइल के फ़ायदे में है.

गज़ा के लिए मदद सामग्री लेकर जा रहे जहाज़ी बेड़े में हुई हिंसा के बाद इसराइल पर नाकेबंदी हटाने के लिए दबाव बढ़ रहा है.

बृहस्पतिवार को ही अरब लीग ने तय किया कि वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने गज़ा पट्टी पर लगी इसराइली नाकेबंदी को हटाने की मांग करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि जहाज़ी बेड़े को गज़ा पहुंचने से रोकने के दौरान हुई हिंसा समस्या की जड़ को उजागर करती है.

उन्होंने कहा, “गज़ा पट्टी की आर्थिक नाकेबंदी ग़लत है, इसका विपरीत असर पड़ रहा है और इसे जारी नहीं रखा जा सकता. इससे निर्दोष नागरिकों को सज़ा मिल रही है और इसराइली अधिकारी इसे फ़ौरन ख़त्म करें.”

इसराइल ने तीन साल पहले गज़ा पट्टी की आर्थिक नाकेबंदी कर दी थी जब वहां इस्लामी संगठन हमास सत्ता में आ गया.

लेकिन इस हफ़्ते गज़ा के लिए मदद सामग्री लेकर जा रहे जहाज़ी बेड़े पर इसराइली सैनिकों के हाथों नौ फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं की मौत के बाद चारों तरफ़ से इसराइल की आलोचना हो रही है.

अब इसराइल के निकटतम सहयोगी देश अमरीका ने कहा है कि आर्थिक नाकेबंदी हटाना इसराइल के हक़ में है.

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी जे क्राउले ने कहा, “ हम चाहते हैं कि गज़ा में सामानों की आवाजाही बढ़े लेकिन साथ ही इसराइल की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का भी ध्यान रखा जाए. ये एक मौका है हम सबके लिए गज़ा के लोगों की मदद का और इसराइल को ये समझने में मदद करने का कि उनका फ़ायदा किस चीज़ में है.”

Image caption बान की मून सुरक्षा परिषद में सहमति बनाने की कोशिश में जुटे हैं.

वहीं अरब लीग सुरक्षा परिषद पर दबाव बनाने की कोशिश में है कि गज़ा पर से आर्थिक नाकेबंदी ख़त्म हो.

लेकिन जहाज़ी बेड़े पर हुई हिंसा की जांच पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई सहमति नहीं बन पाई है.

सुरक्षा परिषद ने इसी हफ़्ते निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की मांग की थी लेकिन इसराइल और अमरीका ने कहा है कि जांच इसराइल के नेतृत्व में हो न कि किसी अंतरराष्ट्रीय दल के हाथों.

तुर्की, जिसके चार नागरिक इस हिंसा में मारे गए, अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहा है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इसराइली नेतृत्व में जांच की बात की है लेकिन साथ ही उसमें अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी की संभावनाओं का भी सुझाव रखा है.

बान की मून इन्हीं में बीच का रास्ता तलाशने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

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