तुर्की में इसराइल को लेकर विशेष बैठक

  • 2 जून 2010
रजब तैय्यब अर्दोगान
Image caption इसराइल के क़दम पर तुर्की की प्रतिक्रिया पर विचार के लिए बैठक

तुर्की के प्रधानमंत्री तैय्यब अर्दोगान अंकारा में अपने सुरक्षा प्रमुखों के साथ एक विशेष बैठक कर रहे हैं जिसमें इसराइल के साथ तुर्की के संबंधों पर विचार हो रहा है.

सोमवार को गज़ा के लिए सहायता सामग्री ले जा रहे जहाज़ी बेड़े पर इसराइली कमांडो दस्ते ने हमला करके कई सौ फ़लस्तीनी समर्थकों को गिरफ़्तार कर लिया था.

इस झड़प में नौ लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे.

तुर्क राजनयिकों का कहना है कि मारे गए कार्यकर्ताओं में चार तुर्क थे और प्रधानमंत्री रजब तैय्यब अर्दोगान ने इसराइल पर जनसंहार का आरोप लगाया.

उल्लेखनीय है कि तुर्की इसराइल का मित्र देश रहा है लेकिन इस घटना के बाद उसने इसराइल की कड़ी भर्त्सना की है.

सोमवार को तुर्की ने इसराइल से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था.

इसके अलावा तुर्की और इसराइल के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास रद्द कर दिए गए हैं.

इस घटना के बाद बंदी बनाए गए तुर्क कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए तीन विमान भेजे गए हैं.

तुर्की की रैड क्रिसेंट संस्था का कहना है कि 17 घायलों को ऐम्बुलैंस विमान से वापस लाया जाएगा.

बंदियों की वापसी

इसराइल के नेगेव रेगिस्तान में बना बीर शीवा जेल तेज़ी से ख़ाली होता जा रहा है.

Image caption इसराइल ने कई सौ फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ताओं को रिहा किया

जिन 600 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं को बंदी बनाया गया था उनमें 120 को सोमवार की रात जॉरडन निर्वासित कर दिया गया.

बाद में कई सौ बंदियों को तेल अवीव के हवाई अड्डे ले जाया गया जिनमें से अधिकतर तुर्क थे.

इसराइली मीडिया का कहना है कि तुर्की में मौजूद इसराइली राजनयिकों और उनके परिवार जनों को देश छोड़ने के आदेश दिए गए हैं.

इस बीच फ़्री ग़ज़ा मूवमेन्ट का एक और जहाज़ 11 यात्रियों के साथ ग़ज़ा की तरफ़ जा रहा है.

इसराइल ने ग़ज़ा की नाकेबंदी 2007 में की जब चरमपंथी संगठन हमास सत्ता में आ गया.

इसराइल का कहना है कि ये नाकेबंदी इसलिए ज़रूरी है जिससे ग़ज़ा में हथियार न पहुंच सकें.

लेकिन इससे आम फ़लस्तीनियों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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