ग़ज़ा के लिए नया जहाज़ रवाना

Image caption इसराइल की कमांडो कार्रवाई में मारे गए लोगों की अंत्येष्टि तुर्की में हुई.

फ़लस्तीनी इलाक़ों में लगे इसराइली प्रतिबंध को तोड़ने के लिए एक और जहाज़ गुरुवार को ग़ज़ा के लिए रवाना हुआ.

'रैचेल कोरी' नामक इस जहाज़ पर 11 यात्री सवार हैं. वे शनिवार या रविवार तक ग़ज़ा के पास पहुँच सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसराइल ने राहत सामग्री लेकर गज़ा जा रहे जहाज़ों के एक बेड़े की ऐसी ही कोशिश को कमांडो कार्रवाई कर नाक़ाम कर दिया था. इसमें नौ कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी.

इसराइल की चिंता

इसराइल ने कहा है कि इन जहाज़ों से ज़ब्त राहत सामग्री को ग़ज़ा नहीं जाने दिया जाएगा. उसे चिंता है कि इस सामग्री में ऐसा सामान होगा जिसका इस्तेमाल हमास चरमपंथी गतिविधियों के लिए कर सकता है.

उधर, जहाज़ पर इसराइली कार्रवाई में मारे गए कार्यकर्ताओं की अंत्येष्टि तुर्की में हो रही है. मारे गए नौ लोगों में से आठ तुर्की के नागरिक थे.

इस्तांबूल के फ़तिह मस्जि़द के पास उनके ताबूतों को रखा गया है.वहाँ हज़ारों लोग जमा हैं. इन ताबूतों को तुर्की और फ़लस्तीन के झंडे से ढंका गया है.

ग़ज़ा के लिए राहत सामग्री ले जाने की कोशिश करने वाले संगठन का कहना है कि इसराइल ने उन्हें नौ शव सौपे थे जबकि उनके 10 कार्यकर्ता लापता हैं.

इसराइल ने इस मामले में किसी बाहरी एजेंसी से जांच की अंतरराष्ट्रीय मांगों को ठुकरा दिया है.

इससे पहले इस जहाज़ी बेड़े पर मौजूद फ़लस्तीन समर्थकों को इसराइल ने रिहा कर दिया. साढ़े चार सौ से अधिक फ़लस्तीन समर्थक तीन हवाई जहाज़ों में तुर्की पहुँचे.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री बुलेंत अरिंक ने इन फ़लस्तीनी समर्थकों का स्वागत किया और इसराइल पर 'समुद्री डकैती' का आरोप लगाया.

ग़ौरतलब है कि चार सौ तुर्की नागरिकों समेत करीब सात सौ फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ता ग़ज़ा पर इसराइली नाकेबंदी को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे थे और वहाँ 10 हज़ार टन राहत सामग्री पहुँचाना चाहते थे.

इसराइल की कमांडो कार्रवाई में मारे गए नौ लोगों को शव भी इन्ही हवाई जहाज़ों में तुर्की पहुँचे.

उधर, इसराइल ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सोमवार को इसराइल के पास समुद्री बेड़े पर धावा बोलने के अलावा कोई चारा नहीं था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर 'पांखंड' करने का आरोप लगाया है.

आत्मरक्षा का प्रयास

फ़लस्तीन समर्थकों ने तुर्की पहुँचने के बाद कहा कि हथियारों से लैस इसराइली कमांडों के ख़िलाफ़ उन्होंने आत्मरक्षा का प्रयास किया था. उन्होंने इसराइली फ़ौज पर क्रूरता का आरोप लगाया.

उधर, जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने मतदान के बाद इस पूरे मामले की स्वतंत्र तौर पर अंतरराष्ट्रीय जाँच कराने का फ़ैसला किया है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इसराइल से गज़ा पट्टी पर लगी आर्थिक नाकेबंदी फ़ौरन हटाने को कहा है.वहीं अमरीका ने भी कहा है कि आर्थिक नाकेबंदी में ढील इसराइल के फ़ायदे में है.

ग़ज़ा के लिए मदद सामग्री लेकर जा रहे जहाज़ी बेड़े में हुई हिंसा के बाद इसराइल पर नाकेबंदी हटाने के लिए दबाव बढ़ रहा है.

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