इसराइल के रिश्तों पर पुनर्विचार:तुर्की

  • 4 जून 2010
तुर्की में नमाज़े जनाज़ा में शामिल लोग
Image caption ग़ज़ा जा रहे समुद्री बेड़े पर हमले के बाद तुर्की- इसराइल के रिश्ते कटु हुए हैं

तुर्की ने आगाह किया है कि ग़ज़ा के लिए राहत सामग्री ले जा रहे समुद्री बेड़े पर हमले के बाद वो इसराइल के साथ आर्थिक और रक्षा संबंधों पर दोबारा विचार कर सकता है.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री बुलेंत अरिंक ने कहा है कि तुर्की इसराइल के साथ हुए समझौतों पर विचार करेगा. एक समय तुर्की को इसराइल का सहयोगी समझा जाता था.

ग़ज़ा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे जहाज़ पर जा रहे यात्रियों की सोमवार को इसराइली सैनिकों के साथ झड़प हुई थी. इसमें तुर्की के नौ लोग मारे गए थे.

इसराइल का कहना है कि जहाज़ को रोकना उसका फ़र्ज़ था ताकि ग़ज़ा में हथियारों की तस्करी न की जा सके.

नाकेबंदी

समुद्री बेड़े पर हुए इसराइली हमले के बाद 450 से अधिक फ़लस्तीनी समर्थक तीन हवाई जहाज़ो में गुरुवार को तुर्की पहुँचे. मारे गए लोगों के शव भी इसी जहाज़ में वापस भेजे गए हैं.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसराइल समुद्री डकैती कर रहा है.

फ़लस्तीनी इलाक़ों में इसराइली प्रतिबंध को तोड़ने के लिए रेचल कोरी नाम का एक और जहाज़ गुरुवार को ग़ज़ा के लिए रवाना हुआ है. ये जहाज़ शनिवार या रविवार तक ग़ज़ा के पास पहुँच सकता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून कह चुके हैं कि इसराइल गज़ा पट्टी पर लगी आर्थिक नाकेबंदी फ़ौरन हटाए.

वहीं अरब लीग ने कहा है कि वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष गज़ा पट्टी पर लगी इसराइली नाकेबंदी को हटाने की मांग करेगी.

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