भारतीय मूल की अनामिका बनीं विजेता

अनामिका वीरामणि
Image caption भारतीय मूल के आठ बच्चे अब तक चैंपियन रह चुके हैं

अमरीका में इस साल की ‘नेशनल स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता भारतीय मूल की अनामिका वीरामणि ने जीत ली है.

अमरीकी प्रांत ओहायो की 14 वर्षीया अनामिका वीरामणि ने चिकित्सा क्षेत्र में प्रचलित एक शब्द स्ट्रोमर की सही वर्तनी बताकर ये प्रतियोगिता जीती है.

पिछले साल अनामिका इसी प्रतियोगिता में पाँचवें नंबर पर थी.

इस साल 273 प्रतियोगियों के साथ अनामिका वाशिंगटन में हुई इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में शामिल हुईं.

अमरीका की ये वर्तनी प्रतियोगिता पिछले तीन सालों से लगातार भारतीय मूल के छात्र ही जीतते आ रहे हैं.

पिछले 12 सालों में भारतीय मूल के 8 छात्र ये चैंपियनशिप जीत चुके हैं.

स्ट्रोमर एक ऐसा चिकित्सकीय उपकरण है जिससे रक्त प्रवाह की गति मापी जाती है.

गोल्फ़ और नृत्य में रुचि रखने वाली अनामिका हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय से ह्रदय रोग सर्जन बन कर निकलना चाहती हैं.

ट्रॉफी जीतने के बाद अनामिका ने विजयी मुस्कान के साथ कहा, “विश्वास नहीं आ रहा, ये एक शानदार अनुभव रहा.”

इस प्रतियोगिता को अमरीकी टेलिविज़न के एबीसी चैनल पर लाइव दिखाया गया था.

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