ग़ज़ा जा रहे जहाज़ पर इसराइलियों का कब्ज़ा

  • 5 जून 2010
इसराइल का विरोध
Image caption कुछ दिन पहले राहत सामग्री ले जा रहे जहाज़ों पर इसराइली हमले में नौ फ़लस्तीनी समर्थक मारे गए थे

ग़ज़ा की नाकेबंदी तोड़ने और फ़लस्तीनियों तक राहत सामग्री पहुँचाने के मक़सद से जा रहे एक समुद्री जहाज़ पर इसराइली नौसेना ने कब्ज़ा कर लिया है.

इसराइली सैनिक जहाज़ पर सवार हो गए हैं और इसराइल के अनुसार उसका अभियान शांतिपूर्ण रहा है.

अब इस समुद्री जहाज़ को अशदोद की बंदरगाह ले जाया जा रहा है.

इससे पहले इसराइलियों ने कहा था कि वे समुद्री जहाज़ को ग़ज़ा तक नहीं पहुँचने देंगे. उनका कहना थी कि वे चाहते हैं कि जहाज़ अशदोद की बंदरगाह पर लंगर डाले और राहत सामग्री वहीं पर सौंप दी जाए.

ग़ौरतलब है कि इस सप्ताह इसराइल ने ग़ज़ा के लिए राहत सामग्री ला रहे छह जहाज़ों के बेड़े पर हमला कर कम से कम नौ कार्यकर्ताओं को मार दिया था. ये जहाज़ भी गज़ा पट्टी की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

इस घटना के बाद दुनिया भर में इसराइल की काफ़ी निंदा हुई थी और तुर्की में इसराइल के इस क़दम पर भारी जन आक्रोश भी दिखा था.

'जहाज़ पर नोबेल विजेता'

राहत सामग्री ला रहे जहाज़ में आयरलैंड के पूर्व नोबेल पुरस्कार विजेता मैरीड मैकगव्येर भी हैं.

जहाज़ पर कब्ज़े से पहले मैकगव्येर ने बीबीसी को बताया था, "अगर इसराइल सेना जहाज़ पर उतरने की कोशिश करती है तो उसका कोई विरोध नहीं होगा."

फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता जहाज़ के सफ़र के दौरान काफ़ी समय तक उसपर सवार लोगों के संपर्क में थे लेकिन बाद में उनका कहना था कि उनका संपर्क टूट गया.

अमरीका की अपील

अमरीका में व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता माइक हैमर ने भी जहाज़ को इसराइली बंदरगाह एशदोद पर लंगर डाल कर राहत सामग्री सौंपने को कहा था.

इस सप्ताह नौ फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ताओं के इसराइली कार्रवाई में मारे जाने की घटना के बाद अमरीका ने सभी पक्षों से झगड़े से दूर रहने की अपील की थी.

हैमर ने कहा कि ग़ज़ा को राहत सामग्री सौंपने का वर्तमान तरीका लंबे समय तक चलने वाला नहीं है और अमरीका इसराइल के साथ मिलकर इसे बदलने का प्रयास कर रहा है.

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