इसराइल ने अंतरराष्ट्रीय जांच का प्रस्ताव ख़ारिज़ किया

रैचल कोरी जहाज़
Image caption गज़ा के लिए जा रहे एक अन्य जहाज़ रैचल कोरी को भी रोक दिया गया है.

इसराइल ने गज़ा जा रहे जहाज़ों पर पिछले हफ़्ते की गई कमांडो कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को ख़ारिज़ कर दिया है.

इसराइल के इस अभियान में नौ फ़लस्तीनी समर्थक मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के दूत माइकल ओरेन ने कहा कि उनका देश एक लोकतंत्र है और उसमें इस घटना की जांच करने की क्षमता है.

ओरेन ने फॉक्स न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय आयोग की मांग ख़ारिज़ करते हैं . हम इस बारे में ओबामा प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं कि किस तरीके से जांच की जाए.’’

उन्होंने कहा कि इसराइल इस घटना के लिए माफ़ी नहीं मांगेगा.

इसराइली वित्त मंत्री युवाल स्टेनित्ज़ का कहना था कि दुनिया भर में कई स्थानों पर कई इलाक़ों की नाकेबंदी हुई है लेकिन किसी की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग नहीं हुई है.

इसराइली अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष बान कि मून ने न्यूज़ीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री ज्यॉफ्री पामर के नेतृत्व में जांच का प्रस्ताव रखा था. मून ने इस संबंध में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू को फोन किया था.

इससे पहले इसराइल ने शनिवार को गज़ा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे जहाज़ रैचल कोरी से हिरासत में लिए गए 19 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि इसराइल ने पिछले तीन वर्षों से गज़ा की आर्थिक नाकेबंदी कर रखी है. इसी नाकेबंदी को तो़ड़ने की कोशिशों के तहत पिछले हफ़्ते हज़ारों टन की राहत सामग्री लेकर दस जहाज़ों का एक बेड़ा गज़ा जाने की कोशिश कर रहा था.

इसराइल ने इस जहाज़ को रोका और कार्रवाई में नौ कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद इसराइल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई लेकिन इसराइल का कहना है कि वो गज़ा की नाकेबंदी को तोड़ने नहीं देगा.

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