समुद्री तूफ़ान 'फेट' धीमा पड़ा

नैनो प्लांट सानंद
Image caption फेट के कारण नैनो की साणंद प्लांट के उदघाटन के दौरान तेज़ हवाएं चलीं.

अरब सागर से उठा तूफ़ान 'फेट' धीमा पड़ गया है.

इस तूफ़ान की वजह से ओमान में 16 लोगों की मौत हो गईं है.

तूफ़ान के अरब सागर से होकर पाकिस्तान की ओर मुड़ने के आसार हैं.

इस दौरान सोमवार को गुजरात के कच्छ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में इसका असर दिख सकता है.

भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 घंटों के दौरान इसका असर गुजरात के कच्छ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पड़ सकता है.

इसके कारण मध्यम से लेकर भारी बारिश हो सकती है और 50 से 60 किलोमीटर की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं. गुजरात सरकार ने मछुआरों व समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है.

पहले ये माना जा रहा था कि ये तूफ़ान गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भारी तबाही मचा सकता है. शुरुआत में इसकी रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटे थी लेकिन बाद में इसका जोर धीरे-धीरे धीमा पड़ गया.

पाकिस्तान पर असर

उधर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भी 'फेट' को लेकर तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं.

तूफ़ान ओमान के तटीय क्षेत्र से पहले सिंध के तट पर पहुंचेगा इसलिए कराची में इससे निपटने की तैयारियां चल रहीं हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ‘फेट’ के कराची, ठट्टा और बदीन के इलाक़ों को प्रभावित करने का अनुमान है.

बदीन में प्रशासन ने पाकिस्तानी सेना के साथ तटीय इलाक़े के गांवों में लोगों को इस तूफ़ान के बारे में जानकारी दी.

संवाददाता के मुताबिक बदीन और ठट्टा से समुद्र में गए कई मछुआरे अभी तक वापस नहीं लौटे हैं.

कराची में पुलिस अधिकारी समुद्र तट पर घूम कर लोगों को चक्रवात के बारे में आगाह कर रहे हैं.

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