सर्वेक्षण के बाद अभियान

मस्ज़िद
Image caption ब्रिटेन में मुस्लिमों के प्रति लोगों की राय नकारात्मक है.

ब्रिटेन में हुए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि अधिकतर ब्रितानी नागरिक इस्लाम को चरमपंथ और महिलाओं की प्रताड़ना से जोड़कर देखते हैं.

इस सर्वेक्षण के सामने आने के बाद ब्रिटेन में मुस्लिमों के प्रति नकारात्मक भावनाओं को बदलने के लिए विज्ञापन अभियान छेड़ा जा रहा है.

इस विज्ञापन अभियान को ‘मोहम्मद से प्रेरित’ नाम दिया गया है और इन विज्ञापनों का आयोजन एक्सप्लोरिंग इस्लाम फाउंडेशन नाम की संस्था कर रही है. यह संस्था ब्रिटेन के मुस्लिम प्रोफेशनल्स चलाते हैं.

पिछले महीने ऑनलाइन पर आयोजित यूगव सर्वेक्षण में 58 प्रतिशत लोगों ने इस्लाम को चरमपंथ से जोड़ा था जबकि 69 प्रतिशत लोगों का कहना था कि इस्लाम में महिलाओं को प्रताड़ित करने को प्रश्रय दिया जाता है. सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 50 प्रतिशत लोगों ने इस्लाम को आतंकवाद से जुड़ा बताया.

मात्र 13 प्रतिशत लोगों ने माना था कि इस्लाम शांति से जुड़ा है और छह प्रतिशत ने इसे न्याय से जोड़ कर देखा था.

सर्वेक्षण में शामिल होने वाले 60 प्रतिशत लोगों का मानना था कि उन्हें धर्म के बारे में अधिक नहीं पता लेकिन वो इस बारे में और जानना चाहते हैं.

इस सर्वेक्षण के बाद एक्सप्लोरिंग इस्लाम फाउंडेशन ने मोहम्मद से प्रेरित अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत लंदन में कई स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाए जाएंगे जिसमें सफल मुसलिम लोगों की तस्वीरें होंगी.

संस्थान के अभियान निदेशक रेमोना अली के अनुसार कई मुस्लिमों को इस बात की चिंता है कि लोग उनके धर्म को किस तरह से देख रहे हैं.

उनका कहना था, ‘‘हम इस बारे में और जानकारी फैलाना चाहते हैं कि ब्रितानी मुस्लिम कैसे हैं और ब्रितानी समाज में उनकी क्या स्थिति है. हमें ब्रितानी होने पर नाज़ है और मुस्लिम होने पर भी.’’

चरमपंथ का विरोध करने वाले संगठन किलियम फाउंडेशन ने इस अभियान का स्वागत किया है और कहा है कि यह अभियान ज़रुरी थता क्योंकि इससे ब्रितानी नागिरकों के बीच आपसी समझ बढ़ेगी.

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