परमाणु मुद्दे पर बातचीत बंद कर देंगे: ईरान

  • 8 जून 2010
राष्ट्रपति अहमदीनेजाद
Image caption राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने और प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उनके देश पर और प्रतिबंध लगाए तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में बातचीत नहीं करेगा.

उन्होंने चेतावनी दी कि तुर्की और ब्राजील ने जो परमाणु ईंधन का समझौता करवाया था, वो बार बार नहीं दोहराया जाएगा.

ये समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को दूर करने के लिए किया गया था, लेकिन पश्चिमी देशों ने इसे ठुकरा दिया था.

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई थी और इस मुद्दे पर बुधवार तक मतदान हो सकता है.

ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ध्यान में रखकर लगाए जाने वाले हैं.

और प्रतिबंधों का प्रस्ताव

अगर ये प्रस्ताव पारित हो गया तो ईरान पर वित्तीय प्रतिबंध और कठोर हो जाएंगे, हथियारों पर लगी रोक और बढ़ जाएगी और साथ ही वहां जाने वाले जहाज़ों की जांच कड़ी कर दी जाएगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस प्रस्ताव का कई देश समर्थन नहीं करेंगे लेकिन इन देशों में से किसी के पास भी वीटो का अधिकार नहीं है.

ग़ौरतलब है कि तुर्की और ब्राज़ील जैसे देश कहते रहे हैं कि ईरान पर नए प्रतिबंध उलटे साबित हो सकते हैं.

इन देशों ने पिछले दिनों परमाणु ईंधन की अदला बदली के मुद्दे पर ईरान से बातचीत की थी और उनका कहना है कि यह बातचीत कूटनीति के लिए एक और मौक़ा देती है.

उल्लेखनीय है कि ईरान पर पहले ही प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी ईरान साफ़ कहता रहा है कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा.

इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों के साथ ईरान की कई दौर की बातचीत हुई है.

इस मामले में अमरीका ईरान पर प्रतिबंधों की हिमायत करता रहा है जबकि चीन प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है.

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