गूगल पर चल सकता है 'मामला'

Image caption गूगल के स्ट्रीटव्यू प्रोजेक्ट की काफ़ी आलोचना हुई है.

प्राइवेसी इंटरनेशनल का कहना है कि गूगल पर असुरक्षित वाइ फाइ नेटवर्कों के ज़रिए जानकारी जुटाने के कारण ‘आपराधिक मामला’ चलाया जाएगा.

गूगल ने अपने स्ट्रीटव्यू प्रोजेक्ट के तहत वाइ फाइ नेटवर्कों से आकड़े जुटाए हैं और इसके लिए उसकी पहले से ही कड़ी आलोचना हो रही है.

आलोचनाओं के बाद गूगल ने अपने कार्यक्रम की स्वतंत्र रुप से ऑडिट कराई है जिसमें दावा किया गया है कि स्ट्रीटव्यू प्रोजेक्ट में कुछ कोड ग़लती से जुड़ गए थे.

हालांकि प्राइवेसी इंटरनेशनल (पीआई) का कहना है कि ऑडिट से साफ़ है कि गूगल आपराधिक मंशा से काम कर रहा था.

पीआई ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘‘गूगल की स्वतंत्र ऑडिट से पता चलता है कि वाइ फाइ नेटवर्क से कलेक्शन के लिए जो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल हुआ उसने जान बूझकर जानकारियों को हार्ड ड्राइव पर शामिल कर दिया.’’

पीआई के अनुसार गूगल की यह मंशा उसे 30 देशों के नियमों के ख़िलाफ़ ले जाती है.

पीआई के प्रमुख साइमन डेविस कहते हैं, ‘‘जर्मनी तो गूगल के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा ही क्योंकि गूगल की मंशा आपराधिक थी. कार्रवाई के अलावा दूसरा चारा नहीं है.’’

ब्रिटेन में अधिकारियों ने कहा है कि वो ऑडिट की समीक्षा कर रहे हैं लेकिन फिलहाल उन्होंने आगे कार्रवाई करने के बारे में कोई योजना नहीं बनाई है.

डेविस का कहना है कि वो इस मामले को स्काटलैंड यार्ड तक ले जाएंगे.

ऑस्ट्रेलिया की पुलिस ने भी कहा है कि गूगल के ख़िलाफ़ जांच की जाए.

गूगल के अनुसार जिस कोड के तहत जानकारी जुटाई गई उसे वाइ फाइ प्रोजेक्ट के प्रयोगों से जुड़े एक इंजीनियर ने तैयार किया था और उसे स्ट्रीटव्यू में शामिल करने की योजना नहीं थी. यह कोड ग़लती से स्ट्रीटव्यू में शामिल हो गया.

गूगल का कहना है कि यह टीम के बीच कम्युनिकेशन असफल होने के कारण हुई ग़लती है.

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