भारत-श्रीलंका के बीच सात समझौते

मनमोहन सिंह और महिंदा राजपक्षे
Image caption महिंदा राजपक्षे और मनमोहन सिंह दिल्ली में

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भारत दौरे में दोनों देशों के बीच परंपरागत समुद्री यात्रा बहाल करने, बेघर तमिलों के लिए 50 हज़ार घर बनाने, जाफ़ना और हंबानटोटा में वाणिज्य दूतावास बनाने और ट्रिंकोमाली में बिजली घर बनाने पर सहमति बनी है.

भारत और श्रीलंका ने बुधवार को इन विषयों समेत कई क्षेत्रों पर सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. साथ ही श्रीलंका में तमिल गुटों के साथ बातचीत के बारे में भी चर्चा हुई.

बुधवार दिन भर हुई चर्चाओं के बाद जारी एक सयुंक्त घोषणा पत्र में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ज़ोर देकर कहा कि श्रीलंका के संविधान के 13वें संशोधन को आधार बनाते हुए वहां सत्ता के सार्थक विकेंद्रीकरण की ज़रुरत है. मनमोहन सिंह के मुताबिक इससे श्रीलंका में राजनीतिक समझौते को पक्का करने के लिए ज़रुरी माहौल तैयार होगा.

इससे पहले प्रतिनिधि स्तर की बातचीत में भारत का नेतृत्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने और श्रीलंका की अगुवाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने किया. दोनों पक्षों ने श्रीलंका में तमिलों की पुनर्वास और उनकी अजीविका सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया.

राजपक्षे ने शरणार्थी शिविरों में रह रहे तमिलों के पुनर्वास पर मनमोहन को आश्वस्त करवाया. श्रीलंका का दावा है कि देश के उत्तर में एलटीटीई के ख़िलाफ़ युद्ध के बाद बेघर में हुए अधिकतर तमिलों का पुनर्वास कर दिया गया है.

कोलंबो ने भारत के इस नज़रिए को भी स्वीकार किया है कि युद्ध के बाद बेघर हुए तमिलों में आत्मसम्मान का अहसास दिलाने की ज़रुरत है.

विद्युत ग्रिडों को जोड़ने पर बात

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी सरकार की पुनर्वास योजनाओं के बारे में अवगत करवाया.

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा, "दोनों नेताओं ने श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों में युद्ध के दौरान बेघर हुए लोगों के लिए 50,000 घर बनाने की भी घोषणा की है. ये घर भारत के सहयोग से बनाए जाएंगे."

सात समझौतों में से एक दोनों देशों के विद्युत ग्रिडों के जोड़ना को लेकर भी है जिससे श्रीलंका की ऊर्जा की ज़रुरतों को पूरा किया जा सके. फिलहाल सिर्फ़ ये पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ऐसा संभव भी है या नहीं.

दोनों देश जाफ़ना और हंबानटोटा में वाणिज्य दूतावास खोलने पर भी राजी हो गए हैं.

एक समझौता तलाइमनार-मधु रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर भी हुआ है. इसके अलावा श्रीलंका के उत्तर और पूर्व में कुछ रेलवे लाइनों के निर्माण को लेकर भी दोनों देशों में समझौता हुआ है.

इसके अलावा कोलंबो-तूतीकोरिन और थल्लाईमन्नार-रामेश्वरम के बीच परंपरागत समुद्री यात्रा को भी बहाल करने का फ़ैसला किया गया है.

सुरक्षा के मुद्दे पर भारत के गृह सचिव जीके पिल्लै और श्रीलंका के राष्ट्रपति के सचिव ललित वीरातुंगे आपराधिक मामलों में एक दूसरे की क़ानूनी सहायता करने वाले एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.

इसके अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी एक समझौता हुआ है. साथ ही अहमदाबाद स्थित ‘सेवा’ नाम की एक संस्था श्रीलंका में युद्ध में विधवा हुई महिलाओं के पुनर्वास में सहायता करेगी

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