दक्षिण कोरिया का रॉकेट नष्ट हुआ

दक्षिण कोरिया का रॉकेट लॉंच
Image caption रॉकेट से उपग्रह अलग होना था जिसके ज़रिए जलवायु परिवर्तन पर जानकारी मिलनी थी

दक्षिण कोरिया की अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने की कोशिश नाकाम रही है. दक्षिण कोरिया का प्रयास था कि रॉकेट के ज़रिए उपग्रह को कक्ष में स्थापित किया जाए लेकिन लॉंच के 137 सैकेंड बाद ही रॉकेट अपने निर्धारित रास्ते से परे चला गया और ध्वस्त हो गया.

दक्षिण कोरिया के विज्ञान मंत्री आह्न ब्यॉंग-मैन ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि रॉकेट नष्ट हो गया है.

अधिकारियों का कहना था कि रॉकेट के प्रक्षेपित होने के कुछ ही देर बाद जब वह 70 किलोमीटर की उँचाई पर था तब उससे संपर्क टूट गया.

कोरिया एरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष ली जू-जिन का कहना था कि जैसे ही रॉकेट ने ध्वनि की गति को पार किया वैसे ही रॉकेट से संपर्क टूट गया.

जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन

इस रॉकेट में एक उपग्रह था जिसके ज़रिए जलवायु परिवर्तन और मौसम के बारे में जानकारी प्राप्त की जानी थी. प्रक्षेपित होनो के नौ मिनट बाद 302 किलोमीटर की उँचाई पर उपग्रह को रॉकेट से अलग होना था जिसके बाद उसके सोलर पैनल चालू होने थे.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल उत्तर कोरिया के रॉकेट लॉंच के बाद उसके ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाए थे.

लेकिन दक्षिण कोरिया के अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने की योजना पर उत्तर कोरिया ने भी कुछ आपत्तियाँ जताई थीं.

विज्ञान मंत्री आह्न ब्यॉंग-मैन के अनुसार, "रॉकेट के मुँह के पास लगे कैमरे से मिले तेज़ रोशनी की तस्वीरों को देखकर लगता है कि प्रक्षेपित होने के बाद पहले चरण में ही रॉकेट में धमाका हो गया."

यह दक्षिण कोरिया की उपग्रह अंतरिक्ष में पहुँचाने की दूसरी कोशिश थी. इससे पहले अगस्त 2009 में उसका ऐसा ही प्रयास विफल हो गया है.

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