'एंडरसन पर 'भारत अनुरोध करेगा तो विचार करेंगे'

  • 12 जून 2010
एक पीड़ित महिला
Image caption इस हादसे में 15 हज़ार लोग मारे गए थे और लाखों प्रभावित हुए थे

अमरीका ने कहा है कि यदि भारत सरकार भोपाल गैस त्रासदी के समय यूनियन कार्बाइड के मुख्य कार्यकारी रहे वॉरन एंडरसन के प्रत्यर्पण के बारे में कोई अनुरोध करती है तो अमरीका ध्यानपूर्ण उस अनुरोध का आकलन करेगा.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फ़िलिप जे क़्रॉली ने पत्रकारों के जवाब देते हुए ऐसा कहा है.

उन्होंने 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी और मैक्सिको की खाड़ी में बीपी कंपनी के तेल के कुँए से हुए रिसाव और उसके पर्यावरण पर हो रहे दुष्प्रभावों की तुलना करने से इनकार कर दिया.

भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाल में मध्य प्रदेश स्थित एक निचली अदालत ने सात अभियुक्तों को दोषी पाया और दो-दो साल की सज़ा सुनाई थी. इस फ़ैसले की जनता, मीडिया, राजनीतिक दलों और पीड़ितों के लिए काम कर रहे संगठनों ने ख़ासी आलोचना की थी.

'अनुरोध किया तो आकलन करेंगे'

भारत सरकार की ओर से वॉरन एंडरसन के अमरीका के भारत प्रत्यर्पण के बारे पूछे गए एक सवाल के जवाब में क्रॉली ने कहा, "प्रत्यर्पण के अनुरोध सार्वजनिक नहीं किए जाते....हमारी भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि है...मै इस बात की पुष्टि तो नहीं कर सकता कि उन्होंने (वॉरन एंडरसन) 1984 में (भारत में ज़मानत लेते समय) किन दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए थे. यदि भारत सरकार ऐसा अनुरोध करती है तो हम ध्यानपूर्वक इसका आकलन करेंगे."

एक पत्रकार ने अपने सवाल में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता का ध्यान भारत में भोपाल गैस त्रासदी और वर्तमान में बीपी के तेल के कुँए से हो रहे रिसाव के कारण पर्यावरण को ख़तरे और संबंधित नुकसान की ओर दिलाया.

इस पर फ़िलिप क्रॉली का कहना था, "इन दोनों घटनाओं की सीधे तौर पर तुलना करना मुश्किल है. यहाँ एक वर्तमान स्थिति है और बीपी ने एक निजी कंपनी होने के नाते संकेत दिए हैं कि वह रिसाव रोकने के क़दम उठाएगी और इसके दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए मुआवज़ा देगी...जो 1980 के दशक में हुआ और जो आज हो रहा है, मैं उसकी तुलना नहीं करना चाहता."

उनका कहना था कि भारत में अलग तरह के क़ानूनी मुद्दे हैं और अलग तरह के क़ानून हैं. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि जो भी अमरीकी कंपनियाँ विदेशों में काम कर रही हैं वे उन देशों के क़ानूनों का पालन करेंगी.

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