अवैध आप्रवासियों के लिए मुहिम

Image caption अमरीकी संसद में ये मामला हमेशा गर्म बहस को जन्म देता है.

न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियों के साथ मिलकर अमरीका के आप्रवासन नियमों में सुधार के लिए एक मुहिम छेड़ी है.

अमरीका में एक करोड़ से ज़्यादा आप्रवासी हैं जिन्हें क़ानूनी तौर पर अवैध माना जाता है लेकिन रिपबलिकन पार्टी इस तंत्र में बदलाव के ख़िलाफ़ रही है.

न्यूयॉर्क के अरबपति मेयर ब्लूमबर्ग ने इन लोगों को क़ानूनी वैधता देने के प्रयास में एक गठबंधन तैयार किया है.

उनका कहना है कि इस मामले को नहीं सुलझाना ‘राष्ट्रीय आत्महत्या की’ तरह है.

Image caption माइकल ब्लूमबर्ग इस मुहिम से एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक मंच पर लौट रहे हैं.

ब्लूमबर्ग इस कदम से एक तरह से राष्ट्रीय राजनीतिक मंच पर लौट रहे हैं और अपने इस प्रयास में उन्होंने वाशिंगटन पर दबाव डालने के लिए व्यापार जगत की जानीमानी हस्तियों को भी अपने साथ जोड़ा है.

ह्यूलिट-पैकर्ड, वॉल्ट डिस्नी, बोईंग, मैरियट होटल चेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों समेत लॉस ऐंजल्स और फ़ीनिक्स के मेयर भी ब्लूमबर्ग के ‘पार्टनरशिप फ़ॉर ए न्यू अमेरिकन इकोनॉमी’ नामक संगठन से जुड़े हैं.

ब्लूमबर्ग का कहना है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए आप्रवासन नीति को और उदारवादी बनाना होगा.

उनका कहना है कि आप्रवासी मालिकों की कंपनियों ने 1990 से अबतक चार लाख नौकरियां पैदा की हैं.

इस गठबंधन को समर्थन देने वाली कंपनियों में 80,000 लोग काम करते हैं जिनमें से कई हाल के दिनों में आए आप्रवासी हैं.

ब्लूमबर्ग का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि बाहर से अमरीका में पढ़ने आए छात्रों के लिए अमरीका में रहना आसान हो जाए और वीसा नियमों में भी सुधार हो. अमरीका में उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में भारतीय भी जाते हैं.

लेकिन साथ ही सीमाओं पर और सुरक्षा बढ़ाने की बात भी की है उन्होंने जिससे उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा को अनदेखा करने का आरोप नहीं लगे.

लेकिन इस पहल का सबसे विवादास्पद हिस्सा होगा लाखों अवैध रूप से काम कर रहे आप्रवासियों को नागरिकता देने की बात और यहां इस गठबंधन को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

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